गुरदीप सिंह/कुसमुंडा। आदर्श नगर स्थित शेरावाली मंदिर में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। हालांकि, इस बार मौसम ने सुहागिनों की परीक्षा ली। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को पूजा की थाली और छलनी लेकर चंद्रमा के दर्शन के लिए छतों पर पहुंचीं, लेकिन झमाझम बारिश और आसमान में छाए घने बादलों ने चांद को अपनी ओट में छिपाए रखा। महिलाएं देर रात तक चांद निकलने का इंतजार करती रहीं, लेकिन मौसम की बेरुखी के चलते चंद्र दर्शन नहीं हो सके।
बारिश ने चांदनी रात का नजारा भले ही छीन लिया, लेकिन सुहागिनों की आस्था और पति की लंबी उम्र की कामना पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। शहर की कॉलोनियों से लेकर मोहल्लों तक महिलाएं आसमान की ओर निहारती रहीं। मौसम की मार से चंद्रोदय का उल्लास फीका जरूर पड़ा, लेकिन व्रत के प्रति महिलाओं का उत्साह और श्रद्धा बरकरार रही।
चंद्रमा के दर्शन नहीं होने से व्रत के पारण को लेकर महिलाओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। ऐसे में महिलाओं ने धार्मिक मान्यताओं और पंडितों की सलाह के अनुसार पूजा-पाठ और आगे की रस्में पूरी कीं।
इस संबंध में मंजू यादव ने बताया कि उन्होंने सुबह से ही निर्जला व्रत रखा था और शाम होते ही चांद निकलने का इंतजार करने लगी थीं। लेकिन लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हो सके। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब चांद नजर नहीं आया तो उन्हें परेशानी हुई। चंद्र दर्शन नहीं होने के कारण व्रत खोलने में भी देरी हुई।
कुल मिलाकर, मौसम की बेरुखी के बावजूद कुसमुंडा की सुहागिनों ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करवा चौथ का पर्व मनाया।







