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न्याय की गुहार करते हुए ली पत्रकार वार्ता

राजनांदगांव ।

जमीन मामले को लेकर एक मुस्लिम महिला ने आज प्रेस क्लब भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित करते हुए भाजपा सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए एक कांग्रेस नेता को आड़े हाथ लिया। न्याय की गुहार करते हुए परिवार सहित खेत में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

शहर के रफीक अली की पत्नी नसीम बानो ने आज दोपहर पत्रकार वार्ता में विस्तार से अपनी पीड़ा बताइए उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता श्री किशन खंडेलवाल के भाई पुरुषोत्तम खंडेलवाल और प्रियांश खंडेलवाल ने रफीक अली शहादत अली से फर्जी रजिस्ट्री बिना प्रतिफल मुख्तियारनामा से रजिस्ट्री कराया गया जिसका चेक भुगतान नहीं किया गया जिसका मामला सिविल कोर्ट में लंबित है केस नंबर व्यवहारवाद क्रमांक 34/ 2023 है रफीक अली शहादत अली का जमीन पर पैतृक भूमि की वजह से आज दिनांक तक खेती-बाड़ी का काम करते हैं।

खंडेलवाल ने विवाद की स्थिति में जमीन सोनकर परिवार को रजिस्ट्री कर दिए इसके बाद सोनकर परिवार द्वारा सीमांकन आवेदन तहसील ऑफिस में लगाया गया तहसील ऑफिस में दो अलग-अलग आपत्ति दर्ज किया गया था पहले पति असगरी बेगम की तरफ से किया गया था जिसको तहसीलदार ने 29/05/2023 को खारिज कर दिया रफीक अली शहादत अली द्वारा सीमांकन पर आपत्ति पेश किया गया जिसके सुनवाई के बाद 15/06/2023 को तहसीलदार राजनांदगांव की तरफ से रफीक अली के आपत्ति पर स्टे दिया गया जिसका खसरा नंबर 808/5, 808/ 6, 808/ 7, 808/8, 808/9, 808/10 है। इस आदेश में तहसीलदार महोदय के द्वारा जो आदेश निकाला गया उसमें रफीक अली का नाम हटाकर असगरी बेगम का नाम लिख दिया गया जबकि असगरी बेगम का आवेदन दो बार खारिज हो चुका है रफीक अली को स्ट मिला था लेकिन नाम असगरी बेगम का लिखा गया

हमने त्रुटि सुधार के लिए तहसीलदार महोदय और एसडीएम को भी आवेदन लगाया था लेकिन आज दिनांक तक उसमें कोई सुधार नहीं किया गया प्रेमलाल सोनकर, कृष्ण सोनकर, बलराम सोनकर द्वारा पुनः निरीक्षण के लिए जब अपर कलेक्टर गए उसमें अपर कलेक्टर ने बिना दस्तावेज जांच किया असगरी बेगम के आपत्ति खारिज के वजह से असगरी बेगम का स्टे हटाया गया, और आदेश में लिखा गया कि असगरी बेगम का आपत्ति दो बार ख़ारिज हो चुका है, असगरी बेगम ने तहसीलदार के समक्ष पुनः आपत्ति पेश किया जबकि एक बार आपत्ति ख़ारिज होने के बाद दोबारा आपत्ति पेश नहीं हो सकता और असगरी बेगम ने दोबारा आपत्ति पेश नहीं किया है, आर्डर शीट में साफ़ दिखता है। जबकि स्टे रफीक अली को मिला था जब रफीक अली को स्ट मिला है तो स्टे के बावजूद सीमांकन आदेश कैसे निकाल दिया गया

कल दिनांक 08/02/2024 को सीमांकन आदेश निकल गया है, सारा दस्तावेज हमारे पास मौजूद है कांग्रेस सरकार में हमारे साथ अधिकारियों ने गलत किया क्योंकि किशन खंडेलवाल कांग्रेस के बहुत बड़े नेता हैं हम बीजेपी सरकार से अधिकारियों से निवेदन करते हैं की त्रुटि सुधार किया जाए और रफीक अली के के खिलाफ आदेश निकला जाए उसके बाद अगर कार्रवाई करते हैं तो हम कानून लड़ाई लड़ने को तैयार हैं वरना हमारे पास जीने का साधन खत्म हो जाएगा हम गरीब परिवार से आते हैं हमें न्याय दिलाया जाए अगर न्याय नहीं मिलता सीमांकान अगर होता है तो हम सब परिवार खेत में ही आत्मदाह कर लेंगे जिसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा क्योंकि हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा।

राजनांदगांव संवाददाता – संजय सोनी

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