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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल

सक्ती / जिले में धान खरीदी पूर्ण होने के बाद अब सभी खरीदी प्रभारी को धान के उठाव की चिंता सताने लगी है सक्ती जिले के अंतर्गत कुल 125 उपार्जन केंद्रों में लगभग 517475.64 टन धान की खरीदी हुई है, जिसमें अभी भी उपार्जन केन्द्रों में लगभग 2 लाख टन धान जाम है। जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में धान उठाव हेतु 9 जनवरी 2024 के बाद कोई भी डीओ जारी नहीं हुआ है एवं जिन केंद्रों में एक माह पूर्व डीओ जारी हो चुका है उसे भी मिलरों द्वारा नहीं उठाया गया है। वही धान खरीदी प्रभारी को अब यह भी चिंता सताए जा रही है कि उपार्जन केंद्रों में रखें धन को चूहो और दीमको ने नुकसान पहुंचाना प्रारंभ कर दिया है।
जबकि शासन के नियमानुसार धान खरीदी के 72 घंटे के अंदर धान का उठाव होने का प्रावधान है

धान खरीदी प्रभारी चिंतित ऐसे में अगर शीघ्र उठाव नहीं हो पता है तो धान में सुखत आना तय है। जिससे जिले में जीरो परसेंट शॉर्टेज का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।

इन्हीं सब मुद्दों को लेकर सहकारी समिति कमर्चारी संघ जिला शक्ति ने जिला विपणन अधिकारी को ज्ञापन सौपा है। उन्होंने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि धान का उठाव शीघ्र कराई जावे, अन्यथा किसी भी प्रकार की क्षति व कमी के लिए प्रभारी व समिति कमर्चारियों को जिम्मेदार न माना जाए, एवं खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की धान खरीदी प्रोत्साहन राशि अभी तक समितियो को प्राप्त नही है जिसे शीघ्र समिति के खाते में समायोजन किया जावे। अगर उक्त दोनों मांगे एक सप्ताह के भीतर पूर्ण नहीं होते हैं तब की स्थिति में समिति कमर्चारी एवं धान खरीदी के समस्त कमर्चारी अवकाश लेकर दिनांक 13 फरवरी 2024 को एक दिवसीय जिला विपणन कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी

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