0 1 min 4 mths

संजय सोनी/राजनांदगांव –

महापौर हेमा देशमुख और कांग्रेसी पार्षदों ने बुधवार को आयुक्‍त को ज्ञापन सौंपकर शहर में सफाई व्‍यवस्‍था बदहाल होने और मूलभूत कामों के पिछड़ने की बात कही है। निगम के नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने इसे स्‍टंटबाजी करार दिया है। उन्‍होंने महापौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि – इस बदहाली की असल जिम्‍मेदार वहीं हैं। चार सालों में उन्‍होंने शहर के बंदोबस्‍त को खोखला किया और अब दिखावा कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि – सत्‍ता प्रदेश में बदली है निगम की सत्‍ता तो अब भी कांग्रेस के हाथ में है लेकिन वे अपने दायित्‍वों को निभाने की बजाए आरोप-प्रत्‍यारोप की राजनीति में वक्‍त फिजूल करना चाहती हैं।

उन्‍होंने कहा कि शहर में दिक्‍कतें हैं तो इसके लिए निगम में सामान्‍य सभा की बैठक बुलाई जानी चाहिए, जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा होनी चाहिए लेकिन इससे खुद महापौर हेमा देशमुख पीछे हट रहीं हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पूरे पांच साल शहर का दोहन और शोषण ही किया और अब महापौर इसका ठिकरा दूसरे पर फोड़ने का कुत्सित प्रयास कर रहीं हैं। सौंदर्यीकरण, प्रतिमाओं की स्‍थापनाओं के लिए लाखों रुपए फूंकने वाला निगम शहर की सड़कें तक ठीक नहीं कर सका। ये दोहरा रवैया ही है जिससे नगर के लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने कहा कि – सच तो ये है कि महापौर हेमा देशमुख ने पांच सालों में शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, मूलभूत समस्‍याओं से निजात दिलाने कोई प्रयास नहीं किया। नाली, सड़क, सफाई, पानी, स्‍ट्रीट लाईट की बदहाली अपने चरम पर रही। महापौर अपने बजट की घोषणाओं को अमल पर नहीं ला सकीं। शहर को सुव्‍यस्थित करने जैसा कोई काम कांग्रेस महापौर ने नहीं किया। कुल मिलाकर आज तक के सबसे असफल महापौर के तौर पर श्रीमती हेमा देशमुख ने अपनी जगह बनाई है और वें अब अपनी असफलता से कुंठित होकर फैसले लें रहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *