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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेंद्र जायसवाल

जिला जांजगीर चांपा बलौदा ब्लॉक ग्राम पंचायत सिवनी में आयोजित श्रीमद् भागवत में अशोक तिवारी जी कथा सुनते हुए बताते है कि मनुष्य का कल्याण तपस्या मात्र करने से नहीं होता तपस्या के साथ-साथ भावना और उसको करने का कारण भी शुद्ध होना चाहिए उक्त बातें व्यासपीठ से आचार्य अशोक तिवारी ने प्रहलाद प्रसंग की कथा सुनाते हुए कही मुक्तिधाम धान मंडी सिवनी के पास आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर अजामिल पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि यह जग माया में फंसा हुआ है और जो इसके वशीभूत हो गया है वही अजामिल है यद्यपि माया को छूना तो पड़ता है पर जैसे जल में रहते हुए कमल उससे अलग रहता है वैसे ही हमें भी सावधान रहना चाहिए

उन्होंने प्रहलाद प्रसंग पर चर्चा करते हुए बताया की हिरण्य कश्यप वीर था परंतु सच्चा वीर तो वही है जो अपने आंतरिक शत्रु को मारता है जो अपने आप को जगत का विजेता मानता है उसे जड़ निर्माता भगवान कहीं नहीं दिखने पर प्रभु का जो भक्त होता है उसे भगवान खंभे में भी दिखते है प्रहलाद ने जब नरसिंह भगवान से वरदान मांगा की प्रभु मेरे पिता की दुर्गति न हो उसे गतिमुक्ति प्रदान करे तो भगवान बोले तेरे जैसा भगवत भक्त बिना भगवान के सहारा लिए। अपने पिता का उद्धार कर देता है माता पिता यदि दुरा चारी हो और पुत्र सदाचारी हो। तो वह पुत्र के कारण सतगति को प्राप्त कर लेते है इस अवसर पर ग्राम के प्रबुद्ध नागरिक गण उपस्थित थे।

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