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कोंडागांव – ज्योति कुमार कमलासन

कोंडागांव जिले में लाल ईंट का अवैध कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है। जिले के हर विकासखण्ड में नदी-नालों के किनारे एवं खेतों में 100 से अधिक लाल ईट भट्ठे संचालित हो रहे है। लाल ईंट को पकाने से भारी मात्रा में प्रदूषण भी फैल रहा है लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ खानापूर्ति ही कर रहा है।

नहीं हो रही कार्यवाही, विभाग मौन।

खनिज विभाग के साथ ही राजस्व विभाग भी कार्यवाही करता है, लेकिन वह भी ट्रैक्टर में परिवहन पर कार्यवाही तक ही सीमित रहता है। लाल ईंट के निर्माण से मिट्टी का अवैध उत्खनन एवं पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ खनिज राॅयल्टी का भी नुकसान होता है। अवैध लाल ईट भट्ठे में वनांचल में जंगल से लकड़ी काटकर खपाते है। जिले के बड़ेकनेरा, बम्हनी, चिपावण्ड, बरकई, चिचाड़ी, बोरगांव, छोटेराजपुर, विश्रामपुरी, धनोरा, अड़ेंगा, माकड़ी आादि जगहों पर धड़ल्ले से अवैध ईंट भट्ठे का कारोबार जारी है। जिस पर प्रशासन का मौन रहना आश्चर्यजनक है। खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लाल ईट बनाने के लिए चिमनी भट्ठों को ही लाइसेंस दिया जाता है और कोंडागांव जिले में इस साल किसी भी चिमनी ईट भट्ठे को लाइसेंस नहीं दिया गया है।

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