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राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी में जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अंतिम सांसें लीं। रात लगभग 2:35 बजे महाराज ने शरीर त्याग कर देवलोक प्रस्थान किया। आचार्य विद्यासागर जी महाराज जैन समाज के प्रमुख धर्म गुरुओं में से एक थे। उन्हें वर्तमान का महावीर भी कहा जाता था l

कुछ दिनों की शारीरिक अस्वस्थता के बाद आचार्य ने दिगंबर परंपरा से समाधी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी l 3 दिन पूर्व उन्होंने पूर्ण अन्न जल का त्याग कर मौन व्रत धारण कर लिया था l शनिवार  देर रात 2:35 बजे उन्होंने शरीर त्याग दिया l  उनकी अंतिम यात्रा में जल सैलाब उमड़ पड़ा है l आचार्य विद्यासागर जी महाराज के समाधि लेने पर देशभर में जैन समाज के लोग आज अपनी-अपनी दुकानें बंद रखेंगे।देश भर से आचार्य श्री के शिष्य चंद्रगिरि पहुंच रहे हैं। व्यवस्था बनाने के लिए राजनांदगांव पुलिस बल भारी संख्या में तैनात है। मुनि श्री संभव सागर जी महाराज, समता सागर, महासागर जी महाराज, पूज्य सागर जी, निरामय सागर डोंगरगढ़ में ही हैं। डोंगरगढ़ में अग्नि कुंड तैयार किया गया है। यहीं आचार्य विद्यासागर जी की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया जाना है।

आचार्य का जन्म कर्नाटक के सदलगा गाँव में 10 अक्टूबर 1946 में शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था l वह आचार्य ज्ञान सागर के शिष्य थे l  आचार्य ज्ञान सागर ने समाधी के पूर्व 22 नवम्बर 1972 में अपना आचार्य पद मुनि विद्या सागर को सौंपा था जब वे महज़ 26 वर्ष के थे l इसी प्रकार आचार्य विद्या सागर ने भी अपने सगे भाई मुनि समय सागर और मुनि योग सागर को अपनी जिम्मेदारियाँ सौंप दी थी l

आचार्य ने अब तक 500 से ज्यादा दीक्षा दे चुके है l हाल ही में 11 फरवरी को आचार्य विद्यासागर को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में ब्रह्मांड के देवता के रूप में सम्मानित भी किया गया है l

छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश में राजकीय शोक

छत्तीसगढ़ में आधे दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश में भी सरकार ने आधे दिन का राजकीय शोक का ऐलान किया है। सभी सरकारी सांसकृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में श्रद्धांजलि

दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आचार्य विद्यासागर जी को श्रद्धांजलि दी। सभी प्रतिनिधियों ने खड़े होकर 2 मिनट का मौन भी रखा।

 कुछ महीने पूर्व विधानसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोंगरगढ़ पहुंचकर जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज से मुलाकात की थी, जिसकी फोटो उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी

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