केवटीनटोलवासियों के लिए काल बना क्रेशर प्लांट

कांकेर संवाददाता – रूपेश नागे

कोरर। विकासखंड कांकेर के अंतर्गत ग्राम केवटीनटोला में एक पहाड़ है जिसे केवटिन माई माता पहाड़ी के नाम से जाना जाता है ग्राम के इस पहाड़ी पर स्थित चट्टानों को ब्लास्ट कर तोड़ा जाता है इसके बाद उसे क्रेशर मशीन के माध्यम से कटिंग करने के बाद गिट्टी में बदल कर बेचने का कार्य किया जाता है, यहाँ चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाने वाला ब्लास्ट ग्रामीणों के लिए काल साबित हो रहा है।

आज 4 बजे जब चट्टानों को तोड़ने के लिए पहाड़ी पर वहाँ के मजदूरों नें ब्लास्ट किया तो पत्थर टूर कर दूर छिटकते हुए एक ग्रामीण के कांक्रीट के छत को तोड़ते हुए उसके घर के अंदर जा घुसा यह पत्थर 10 किलो के लगभग वजन का है जिसके साथ और भी पत्थरो के टुकड़े उसके घर में बिखरे हुए नजर आ रहें हैं जब यह घटना हुई तो दिलीप सोम पिता भीखन सोम अपने परिवार सहित घर पर ही मौजूद थे जो डर कर घर से बाहर निकले इस दौरान वहाँ मौजूद एक पुलिसकर्मी को भी वहाँ से भागना पड़ा।

ज्ञात हो कि यह खदान जहाँ पर स्थित है उससे कुछ दूरी पर शासकीय स्कूल भी है इस स्कूल को वर्तमान में केंद्र सरकार की पीएम श्री योजनांतर्गत मॉडल स्कूल बनाने का कार्य जारी है जिसे पार करते हुए 10 किलो वजन तक के पत्थर ग्रामीणों के घर तक पहुँच रहें हैं। इस प्रकार के रहवास वाले क्षेत्रों में पत्थर कटिंग हेतु क्रेशर प्लांट एवं ब्लास्ट का लाइसेंसी अनुमति देना विभाग के लाभ कमाने का चर्मोत्कर्ष है स्थिति देख कर यह ज्ञात होता है की विभाग द्वारा तय मानकों का पालन नहीं किया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में हथौड़े से कार्य होता था लेकिन अब अधिक दोहन के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग होता है जो उनके लिए खतरा उत्पन्न कर रहा है, जब भी पत्थरों को तोड़ने के लिए ब्लास्ट किया जाता है तो पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े उनके घरों तक पहुँच जाते हैं खदान संचालक द्वारा सुरक्षा के कोई प्रयास नहीं किए जाते एवं अधिक लोडिंग के कारण ग्राम की सड़कें भी खराब हो रहीं हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को भी दी है तथा सभी लोगों ने एकत्र हो कर तत्काल क्रेशर प्लांट को बंद करने की मांग प्रशासन से की है।

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