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कोंडागांव संवाददाता – ज्योति कुमार कमलासन

पद्मश्री धरमपाल सैनी के मुख्य आतिथ्य एवं पद्मश्री हेमचंद मांझी वैद्यराज के विशेष आतिथ्य में तथा किसान नेता डॉ राजाराम त्रिपाठी की अध्यक्षता में कुम्हारपारा के साथी राउंड टेबल गुरुकुल में दो दिवसीय वार्षिक उत्सव एवं सम्मान समारोह का भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। गुरुकुल के बच्चो द्वारा शिक्षको के नेतृत्व में शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतरीन प्रस्तुतियां दी गई, इसी भव्य कार्यक्रम में कोंडागांव जिले के 3 नेशनल अवॉर्ड प्राप्त शिल्पकारों तिजुराम विश्वकर्मा, पंचूराम सागर तथा राजेंद्र बघेल को शिल्प शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया तथा 2 शिक्षको राजेंद्र सिंह राठौर एवं आर के जैन जी को शिक्षा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

बस्तर संभाग की दो महान विभूतियों पद्मश्री धरमपाल सैनी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए विनोबा सम्मान तथा पद्मश्री हेमचंद मांझी को धनवंतरी सम्मान से सम्मानित किया गया, कोंडागांव के प्रख्यात किसान डॉ राजाराम त्रिपाठी को बस्तर भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया, इस अवसर पर स्वागत भाषण में हरिभाई ने उपस्थित आगंतुकों तथा अभिभावकों का स्वागत किया, डॉ रत्ना वर्मा संस्थापक सदस्य साथी संस्था ने गुरुकुल विद्यालय की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार रखे, संस्था अध्यक्ष भूपेश तिवारी ने विद्यालय की 20 वर्षों की यात्रा की जानकारी देते हुए बताया की हमारा विद्यालय बच्चो को सीखने का अवसर देने के साथ साथ उनकी प्रतिभा को तराशने का कार्य करता है उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों, चुनौतियों सहित भविष्य की कार्य योजना की जानकारी दी, मुख्य अतिथि सही धरमपाल सैनी ने बच्चो की अद्भुत प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा की ऐसे बिना भय के बच्चे अपना प्रदर्शन कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है।

डॉ राजाराम त्रिपाठी ने साथी संस्था के संस्थापकों के बारे में बताया की मैने जब अपनी बैंक की जॉब छोड़ी तो उसके लिए प्रेरणा मुझे भाई भूपेश तिवारी और उनके साथियों से मिली, सभी अतिथियों ने बच्चो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया एवं बच्चो का उत्साह वर्धन भी किया, कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रभा कुंभकार ने सभी का आभार व्यक्त किया, कार्यक्रम का संचालन मधु तिवारी एवं संतोष तिवारी के द्वारा किया गया, इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षको सहित संस्था के समस्त कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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