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माघ मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा कहते है l इस दिन का हिन्दू धर्म में बहुत महत्त्व है l माघी पूर्णिमा पर देवता गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करने धरती पर आते है l ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। माघी पूर्णिमा पर पावन नदी विशेषकर संगम या फिर गंगा में डुबकी लगाने के बाद दान-पुण्य करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है l

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह में देवता पृथ्वी पर आते हैं और मनुष्य रूप धारण करके प्रयाग में स्नान, दान और जप करते हैं l इसलिए इस दिन प्रयाग में गंगा स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है l इससे व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है l

लेकिन इस अवसर पर हर किसी को गंगा स्नान या पवित्र नदियों में स्नान करने का मौका मिले यह संभव नहीं l यदि कोई अपने घर से बाहर नदी स्नान नहीं कर सकता तो उसे इस दिन जल में तिल मिला कर स्नान करना चाहिए l स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए l इसके साथ कनकधारा स्त्रोत और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए l

शुभ योग

इस बार माघी पूर्णिमा में 120 वर्षों बाद ऐसा शुभ योग बन रहा है की मघा नक्षत्र में माघी पूर्णिमा पड़ रही है l इसके आलावा केमद्रुम योग भंग भी हो रहा है जो बहुत ही शुभ है l 

स्नान दान मुहूर्त –

इस बार माघ पूर्णिमा का स्नान और दान 24 फरवरी 2024, दिन शनिवार को है
माघ पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ: फरवरी 23, 2024 को 03:33 पीएम बजे
माघ पूर्णिमा तिथि समाप्त: फरवरी फरवरी 24, 2024 को 05:59 पीएम बजे
माघ पूर्णिमा 2023 सूर्योदय: प्रात: 06:52 बजे
माघ पूर्णिमा 2023 सूर्यास्त: शाम 06:17 बजे

 

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