Home चर्चा में नगर पंचायत बाराद्वार के अध्यक्ष की मनमानी से परेशान जनता

नगर पंचायत बाराद्वार के अध्यक्ष की मनमानी से परेशान जनता

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सक्ती संवाददाता – दीपक ठाकुर

बाराद्वार – नगर पंचायत बाराद्वार में चुनाव के बाद सब ठीक चल रहा है यह कहा नहीं जा सकता। नगर में सबसे अधिक तो चर्चा इस बात की है कि आखिर नगर पंचायत अध्यक्ष कौन है जनता ने जिसे बहुमत देकर अध्यक्ष बनाया था उनका नगर पंचायत में आदेश सुनी जा रही है या नहीं या कोई अन्य व्यक्ति नगर पंचायत का संचालन अपने तरीके से कर रहा है। नगर में हर तरफ अनेकों बिंदुओं पर नगर पंचायत की चर्चा की जा रही है।
नगर पंचायत बाराद्वार का संचालन जिस व्यक्ति के द्वारा किया जा रहा है उसने उसे अपनी संपत्ति ही समझ लिया है जिसमें उसके द्वारा कहे अनुसार सारे अधिकारी, कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।

प्रथम दिवस से मनमानी चरम पर

नगर पंचायत के संचालनकर्ता ने शपथ ग्रहण के पूर्व से अपनी मनमानी चलानी शुरू कर दी। जिसमें उसने विना किसी निविदा के नगर पंचायत का रंग रोगन, खिड़की, दरवाजे,सौफा सहित अन्य सामानों की खरीदी कर ली। विना किसी निविदा के सामानों की खरीदी आखिर कैसे की जा सकती है लेकिन नगर पंचायत बाराद्वार में ऐसा खेल प्रथम दिवस से ही प्रारंभ हो गया था। सूत्रों के अनुसार शपथग्रहण समारोह की चर्चा भी काफी रोचक है जहां 98000 रू का तो भजिया ही लोगों को खिला दिया गया साथ ही टेंट,फूल माला एवं उपहार पर भारी भरकम राशि का बिल निकाल कर शासन को चूना लगाया गया।

तालाब गहरीकरण का दस साल पूर्व का फर्जी बिल का हुआ भुगतान

वार्ड नंबर सात में स्थित काई तालाब गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण का दस साल पुराना फर्जी बिल जिसके भुगतान पर रोक लगा था इस कार्य में नान एस ओ सार का कार्य होना था लेकिन ठेकेदार के द्वारा विना यह कार्य के वहीं तालाब के सौंदर्यीकरण के कोई भी कार्य के सूत्रों के मुताबिक संचालनकर्ता के इशारे पर भुगतान कर दिया गया। अभी जारी हुए पार्षद निधि में भी कार्य करवाए विना ही पार्षद निधि का चेक काटा जा रहा है।
नगर सरकार को अभी छह महीने भी नहीं बीते हैं और इस प्रकार से मनमानी और शासन को लाखों का चूना लगाने वालों पर देखते कार्यवाही होती है या नहीं। लेकिन नगर के बीच अभी से जन चर्चा है कि नगर सरकार इस तरह से अगर दूसरे के द्वारा संचालित होता रहा तो पता नहीं आगे यह सरकार कैसे चलेगी।
सभी मामलों पर मुख्य वक्तव्य हेतु नगरपालिका अधिकारी पुनित वर्मा को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा

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