मुंबई-
कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स में 501 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 81,757.73 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 0.57% की कमजोरी के साथ 24,968.40 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें
एफआईआई निवेश में गिरावट: जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से दूरी बनाई, जिससे दबाव बढ़ा।
एक्सिस बैंक के कमजोर नतीजे: बैंक की आय में गिरावट के चलते पूरे वित्तीय सेक्टर पर असर पड़ा।
रेटिंग में बदलाव: सिटी ग्रुप ने भारत की रेटिंग घटाकर ‘तटस्थ’ कर दी।
अमेरिकी फेड की नीतियों को लेकर अनिश्चितता: वैश्विक बाजार में अस्थिरता से घरेलू निवेशकों में भी संशय।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी: तेल के दाम बढ़ने से इन्फ्लेशन और करेंट अकाउंट घाटे की आशंका।
टॉप गेनर और लूजर शेयर
निफ्टी पर टॉप गेनर्स:
विप्रो
टाटा स्टील
ओएनजीसी
इंडसइंड बैंक
इंफोसिस
टॉप लूजर्स:
एक्सिस बैंक
श्रीराम फाइनेंस
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
एचडीएफसी लाइफ
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
नकारात्मक: फार्मा, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और टेलीकॉम सेक्टर में 0.5% से 1% तक की गिरावट।
सकारात्मक: केवल मेटल और मीडिया सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
फाइनेंशियल और बैंकिंग: सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भारी गिरावट, खासकर एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के कमजोर प्रदर्शन के चलते।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों ही इंडेक्स 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों ने छोटे और मझोले शेयरों में भी सतर्कता बरती।
ओपनिंग की स्थिति
शुक्रवार को बाजार हल्की गिरावट के साथ खुला था।
सेंसेक्स: 82,257.58 (1 अंक नीचे)
निफ्टी: 25,108.55 (0.01% नीचे)









