Home चर्चा में वन महोत्सव 2025 : प्रकृति से जुड़ाव और भावी पीढ़ियों के लिए...

वन महोत्सव 2025 : प्रकृति से जुड़ाव और भावी पीढ़ियों के लिए हरियाली का संकल्प

3
0

जिला जांजगीर-चांपा। 18 जुलाई 2025 – हरियाली का उत्सव, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम और भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बना वन महोत्सव कार्यक्रम-2025, जो आज 11वीं बटालियन पुटपुरा परिसर में आयोजित हुआ। इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान के तहत 23 हेक्टेयर क्षेत्र में 25,300 पौधे रोपित किए गए।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरि, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, वनमंडलाधिकारी श्री हिमांशु डोंगरे, कमांडेंट श्री विमल बैस, जिला पंचायत सदस्य सुश्री आशा साव, श्री अमर सुल्तानिया, श्री आनंद मिरि सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपने हाथों से पौधे लगाकर इस अभियान को जीवंत बनाया।

एक पेड़ माँ के नाम’ – संवेदनाओं से जुड़ा एक हरियाली संदेश

कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” न केवल एक वृक्षारोपण अभियान है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। यह अभियान लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराता है और हर नागरिक को यह सोचने पर मजबूर करता है कि जैसे माँ जीवन देती है, वैसे ही पेड़ भी पृथ्वी पर जीवन बनाए रखते हैं।

उन्होंने सभी से आग्रह किया कि केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में यही पौधे बड़े वृक्ष बनकर हरित छाया, स्वच्छ वायु और प्राकृतिक संतुलन का स्रोत बनें।

चरणबद्ध पौधारोपण – योजना बद्ध हरियाली

वनमंडलाधिकारी श्री हिमांशु डोंगरे ने जानकारी दी कि पुटपुरा स्थित 11वीं बटालियन परिसर में नीम, सागौन, महोगनी, आम, अर्जुन, करंज, अशोक और आंवला जैसे औषधीय और फलदार पौधों को योजनाबद्ध रूप से लगाया गया है। इन पौधों से न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता भी समृद्ध होगी।

उन्होंने कहा कि इस पौधारोपण अभियान में केवल विभागीय अधिकारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी को भी प्राथमिकता दी गई है। आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, और स्वयंसेवकों को भी इस पुनीत कार्य में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया है।

हर पेड़ एक वादा, एक जिम्मेदारी

इस महाअभियान का मूल उद्देश्य है – हर नागरिक के दिल में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना, और हर पेड़ को भावनात्मक रूप से किसी प्रियजन, विशेषकर माँ के नाम से जोड़ कर उसकी देखभाल को व्यक्तिगत जिम्मेदारी बनाना।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरि ने कहा कि हम सभी को अपने आस-पास के क्षेत्रों में भी इस अभियान को विस्तार देना चाहिए, ताकि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण छोड़ सकें।

पौधरोपण नहीं, प्रकृति से पुनः जुड़ने का पर्व

वन महोत्सव 2025 केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं था, यह एक जन आंदोलन की तरह सामने आया, जहां शासन, प्रशासन और समाज ने मिलकर प्रकृति से अपने रिश्ते को फिर से जीवित किया।

हर एक पौधा जो आज लगाया गया है, वह आने वाले वर्षों में छाया देगा, फल देगा, हवा को शुद्ध करेगा और हमें याद दिलाएगा कि हमने प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।

हरित क्रांति की ओर एक कदम, माँ के नाम एक पेड़ – धरती के आंगन में हरियाली की संतान।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here