जिला जांजगीर-चांपा ।
बलौदा ब्लॉक – ग्राम पंचायत महुदा।
महुदा स्थित शांति जी.डी. पावर प्लांट में आज सुबह करीब 8 बजे एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ, जिसमें कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आने से मजदूर भुवन बरेठ, निवासी ग्राम पंचायत फरसवानी, की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और महुदा पंचायत में भय व आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और परिजनों को यथासंभव राहत राशि देने की बात कही। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कारखाना अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल पर पहुंचे चांपा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) समित बघेल ने भी गहन जांच के निर्देश देते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन की लापरवाही की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मजदूर सुरक्षा पर सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर पावर प्लांटों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है। कन्वेयर बेल्ट जैसी संवेदनशील मशीनों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते आए दिन मजदूर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद महुदा गांव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ आक्रोश जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक मजदूरों की जान यूं ही जाती रहेगी।
प्रशासन की चुनौती
अब प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कराते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाए। मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जानी चाहिए।









