किसान नेता पारस नाथ साहू ने कहा कि लंबे समय से किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिलने के कारण देशभर के किसानों ने विरोध कर फसल बीमा के नियमों में संशोधन की मांग किया था जिस पर भारत शासन ने फसल बीमा को ऐच्छक कर दिया था परंतु वर्तमान में सरकार द्वारा नए नियम बनाकर फसल बीमा कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए पूर्व में प्रचलित नियम से ज्यादा जटिल नियम बनाकर बीमा कंपनियों को लूट की खुली छूट दे दी है कुछ दिन पहले तक सिर्फ समिति या बैंक के कृषि ऋण लेने वाले हितग्राहियों को ही बीमा का लाभ दिया जाता था वह भी कृषक के सहमति पर परंतु वर्तमान नए नियम के अनुसार ऋणी एवं अऋणी कृषकों का फसल बीमा सीधे बैंक या समिति से करवा दिया जाएगा जिस किसान को बीमा नहीं करवाना है उसे नए प्रपत्र में आवेदन करना होगा फिर उसके मोबाइल में ओटीपी आएगा तभी असहमति माना जाएगा अन्यथा हर खातेदार का बीमा कर दिया जाएगा चाहे उसके खाते में पैसे हो या ना हो यानी समिति जबरदस्ती ऋण डाल देगा जिसे बाद में वसूल किया जाएगा सभी किसान भली भांति परिचित है कि फसल नुकसान होने पर नियमों की जटिलता के चलते क्षतिग्रस्त फसल का मुआवजा नहीं मिल पाता परंतु बीमा कंपनियां मोटी रकम वसूल लेती है किसान नेता पारसनाथ साहू ने कहा कि प्रदेश के लाखों किसान समिति में जाकर या ऑनलाइन आवेदन तथा ओटीपी आने के बाद दर्ज करा कर प्रकिया पूरी करने में सक्षम नहीं है सरकार ने पुनः बीमा कंपनियों को लूटने की खुली छूट नए नियम के तहत प्रदान करती है उसे सभी किसान संगठन कड़ी निंदा करते हैं तथा इसे पुनर्विचार करते हुए वापस लेने तथा ऐच्छिक ही बनाए रखने की मांग करते हैं









