बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
केके सब डिवीजन ब्यूरो इंचार्ज ने पत्नी के साथ किया आत्मसमर्पण
अब खुशहाल पारिवारिक जीवन जीना चाहते हैं बस्तर में सक्रिय नक्सली
जगदलपुर। बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना के चलते शासन के विकासोन्मुखी कार्य और जनहितैषी योजनाएं गांव गांव तक पहुंचने लगी हैं। सड़कों का विस्तार, परिवहन की सुविधा, पानी, बिजली एवं शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीणों तक पहुंचने लगी हैं। सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहे सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जनकल्याकारी योजनाओं की जानकारी एवं छग शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से माओवादियो का संगठन से मोहभंग हो रहा है। यही वजह है कि आज संभाग के बीजापुर जिले में एकसाथ 30 नक्सलियों ने आत्म समर्पण कर दिया। इन पर कुल 81 लाख का ईनाम घोषित है। आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक हार्ड कोरनक्सली दंपत्ति भी शामिल है।
अकेले बीजापुर जिले में इस साल 1 जनवरी से अब तक विभिन्न घटनाओं में शामिल 331 नक्सली गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 307 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और मुठभेड़ों में कुल 132 नक्सली मारे गए हैं। 1 जनवरी 2024 से अब तक 834 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं, 496 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 190 नक्सली मारे गए हैं। छग शासन एवं भारत सरकार की मंशा के अनुरूप नक्सल उन्मूलन हेतु जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत डीआरजी, जिला बल, एसटीएफ, कोबरा व केरिपु बल के संयुक्त प्रयासों तथा शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर उत्तर बस्तर डिवीजन अंतर्गत नक्सली संगठन की विभिन्न यूनिटों में कार्यरत रहे 30 माओवादियों ने आज उप पुलिस महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, उप महानिरीक्षक केरिपु सेक्टर बीजापुर बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, कमांडेंट 199 बटालियन केरिपु आनंद कुमार, कमांडेंट 170 बटालियन केरिपु सरकार राजा रमन, कमांडेंट 85 बटालियन केरिपु सुनील कुमार राही, कमांडेंट 202 कोबरा अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर रविन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलैंडन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक घनश्याम कामड़े, उप पुलिस अधीक्षक डीआरजी विनीत साहू, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक रोशन आहूजा के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

इन्होने किया है सरेंडर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सोनू हेमला ऊर्फ कोरोटी निवासी बोड़लापुसनार तालाबपारा थाना बीजापुर केके सब डिवीजन ब्यूरो इंचार्ज, ईनाम 8 लाख, कल्लू पूनेम ऊर्फ रंजीत निवासी पुसनार बडडेपारा थाना गंगालूर ईनाम 8 लाख, कोसी कुंजाम, निवासी डुवल नेंड्रा मेटापारा थाना गंगालूर ईनाम 8 लाख, मोटी पूनेम ऊर्फ हड़मे निवासी डुमरीपालनार सरपंचपारा थाना मिरतुर ईनाम 8 लाख, पांडे पूनेम निवासी तोड़का नदीपारा थाना गंगालूर ईनाम 8 लाख, छोटू कुंजाम ऊर्फ बड्डे निवासी डुवल नेंड्रा मोकोडपारा थाना गंगालूर ईनाम 8 लाख, मंगली पोटाम निवासी कोरचोली गायतापारा थाना गंगालूर ईनाम 5 लाख, बोटी ओयाम ऊर्फ लालू निवासी बोड़गा ओड़सनपारा थाना भैरमगढ़ ईनाम 5 लाख, मंगली मोड़ियम निवासी पेद्दाकोरमा मिंड्रीपारा ईनाम 2 लाख, सोमड़ी अवलम निवासी छोटा तर्रेम रेंगमपारा थाना तर्रेम ईनाम 2 लाख, पांडे पूनेम निवासी पुसनार टेकापारा थाना गंगालूर ईनाम 2 लाख, छोटू कुंजाम निवासी डुवलनेंड्रा थाना गंगालूर ईनाम 2 लाख, सोमारी कलमू निवासी अंडरी मदुमपारा थाना गंगालूर ईनाम 2 लाख, सुकड़ी गावड़े ऊर्फ शामबती गावड़े निवासी कोंगेरा गोटियापारा थाना डारा नारायणपुर ईनाम 2 लाख, विमला पूनेम निवासी पीड़िया नयापारा थाना गंगालूर इनाम 2 लाख, मंगडू अवलम उर्फ मांझी निवासी पीडिया गायतापारा थाना गंगालूर ईनाम 2 लाख, महादेव ताती ऊर्फ मनकू ऊर्फ तुर्रे निवासी मुतवेंडी नयापारा थाना गंगालूर ईनाम 2 लाख, छोटू कुंजाम निवासी डुवलनेंड्रा सरपंच पारा इनाम 2 लाख, राजू मड़कम निवासी ताकीलोड़ जाड़कापारा ईनाम 50 हजार, बामन कोवासी ऊर्फ कोर्राम निवासी ताकीलोड़ नदीपारा ईनाम 50 हजार, बिच्चेम पूनेम ऊर्फ ठाकुर निवासी डुवलनेंड्रा मेटापारा, राजू पूनेम निवासी बुरजी नयापारा, मनकू पूनेम निवासी बुरजी नयापारा, सुखराम ओयाम निवासी बुरजी ओयामपारा, सुखराम हेमला ऊर्फ भोड़ा निवासी ताकीलोड़, राजूराम हपका निवासी मर्रीमेट्टा इत्तोलरा पारा, बोमड़ा पोडियाम निवासी ताकीलोड़, मंगू कुंजाम ऊर्फ पातामंगू निवासी डुवलनेंड्रा पटेलपारा, सन्नू पूनेम निवासी डुवलनेंड्रा और पील्लू वेट्टी निवासी ताकीलोड़ शामिल हैं।

मुख्यधारा में लौटने एसपी की अपील
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन व्यतीत करें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। उन्होंने माओवादियों से आग्रह किया कि वे भ्रामक विचारधाराओं को त्यागें और निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें।









