भारत ने पहली विक्रम चिप का अनावरण किया और इसी मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और चीन दोनों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारत पर भरोसा करती है और यही भरोसा भारत को सेमीकंडक्टर क्रांति में वैश्विक नेतृत्व दिलाएगा।
अमेरिका को सीधा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को “डेड इकोनॉमी” कहे जाने और टैरिफ बढ़ाने के बाद मोदी ने कहा –
पहली तिमाही में भारत की GDP 7.8% बढ़ी, जो सभी अनुमानों से ऊपर है।
वैश्विक अनिश्चितताओं और दबाव के बावजूद भारत ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर प्रदर्शन किया है।
“हर चुनौती के बीच भारत उम्मीद से आगे बढ़ा है।”
21वीं सदी की ताकत – चिप्स
मोदी ने कहा कि पिछली सदी को तेल ने दिशा दी, लेकिन 21वीं सदी सेमीकंडक्टर चिप्स से तय होगी।
मौजूदा ग्लोबल चिप मार्केट 600 अरब डॉलर का है।
आने वाले समय में यह 1 ट्रिलियन डॉलर को पार करेगा।
भारत इस दौड़ में बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए तैयार है।
चीन और अमेरिका दोनों को चुनौती
मोदी ने कहा कि भारत अब केवल बैकएंड वर्क नहीं करेगा, बल्कि फुल-स्टैक सेमीकंडक्टर नेशन बनेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत की सबसे छोटी चिप भी दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी।
भारत का बढ़ता सेमीकंडक्टर बाजार
2023: 38 अरब डॉलर
2024-25: 45-50 अरब डॉलर
2030: 100-110 अरब डॉलर
मोदी ने कहा कि भारत का हर सेक्टर – मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, एग्रीकल्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर – तेज़ी से बढ़ रहा है और यही भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर ले जा रहा है।
“सेमीकॉन इंडिया 2025 से मोदी ने साफ कर दिया कि भारत अब सिर्फ उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि दुनिया के डिजिटल भविष्य का केंद्र बनने जा रहा है।”









