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बस्तर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आईं मप्र, ओड़िशा व गोवा की सरकारों का आभार माना विधायक चैतराम अटामी ने

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दंतेवाड़ा संवाददाता – रिकेश्वर राणा 

‘राज्य सरकारों का सहयोग दर्शाता है, हम एकजुट होकर हर संकट का सामना कर सकते हैं’

‘मप्र, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्तों से जुड़े परिवार हैं’

दंतेवाड़ा । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी ने बस्तर संभाग में आई भीषण बाढ़ की प्राकृतिक आपदा के इस कठिन समय में मध्यप्रदेश, ओड़िशा और गोवा की राज्य सरकारों द्वारा सहयोग का हाथ बढ़ाने पर अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की है। श्री अटामी ने कहा कि बस्तर में बाढ़ की विभीषिका से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, खेत-खलिहान जलमग्न हो गए और पशु-धन का भी भारी नुकसान हुआ है। अतिवृष्टि से जन-धन की बड़ी क्षति के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा राहत और पुनर्वास कार्य किए जा रहे हैं।
विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ को पांच करोड़ की आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराएगी। इसी तरह ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहनचरण मांझी और गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने भी सहायता राशि और राहत सामग्री भेजने का ऐलान किया है। श्री अटामी ने कहा कि मध्यप्रदेश, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्तों से जुड़े परिवार की तरह हैं। आपदा की घड़ी में तीनों राज्य सरकारों का यह सहयोग बस्तर के प्रभावित जनों को संबल प्रदान करेगा और बस्तर के पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने में सहायक होगा। इन राज्य सरकारों का यह सहयोग निश्चित ही यह दर्शाता है कि हमारा देश एकजुट होकर हर संकट का सामना कर सकता है।
विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि बीते महीने बस्तर संभाग में हुई भयंकर बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश से संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिला प्रभावित हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा भी प्रदान किया गया है। मकान क्षति, पशुधन हानि और फसल क्षति का सर्वेक्षण कर आरबीसी 6-4 के तहत स्वीकृत मुआवजा राशि प्रभावितों को प्रदान की जा रही है। बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए शासन-प्रशासन लगातार खड़ा है। अब तक इन सभी जिलों में मकान क्षति के 1694 प्रकरणों में प्रभावितों को 8.81 करोड़ से अधिक मुआवजा राशि प्रदान की गई है, वहीं पशुधन क्षति और फसल नुकसान का आंकलन कर अब तक स्वीकृत 48 प्रकरणों में 4.80 लाख मुआवजा राशि वितरित की गई है।

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