रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर, 30 जनवरी 2026: आज सुबह रायपुर के हृदयस्थल शास्त्री मार्केट में इस्कॉन भक्तों ने भगवान कृष्ण की भक्ति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। ‘हरे कृष्ण हरे राम’ के मधुर भजनों और कीर्तन की धुन पर पूरा मोहल्ला मंत्रमुग्ध हो गया। इस्कॉन के भक्तों ने न केवल स्वादिष्ट प्रसाद वितरित किया, बल्कि भक्ति का संदेश भी घर-घर पहुंचाया, जिससे बाजार क्षेत्र में एक आध्यात्मिक उल्लास की लहर दौड़ गई।
शास्त्री मार्केट, जो रायपुर शहर का एक व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है, आमतौर पर सुबह की भागदौड़ से गूंजता रहता है। दुकानें खुलने लगती हैं, खरीदार चहलकदमी करते हैं, लेकिन आज की सुबह कुछ अलग थी। सुबह करीब 7 बजे इस्कॉन के भक्तों का जत्था बाजार पहुंचा। उनके हाथों में मृदंग, कार्ताल और भक्ति भरे स्वर थे। ‘हरे कृष्ण हरे राम, हरे राम हरे कृष्ण’ का जयकारा गूंजने लगा तो राहगीर रुक गए, दुकानदार काम छोड़ बैठ गए। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सबकी निगाहें इस भक्ति संगम पर टिक गईं।
इस्कॉन के भक्तों ने बताया, “हमारा उद्देश्य भगवान कृष्ण की भक्ति को हर घर तक पहुंचाना है। शास्त्री मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों में प्रसाद वितरण से लोगों को दैनिक जीवन में आध्यात्मिकता का संचार होता है। आज सैकड़ों लोगों को प्रसाद दिया, सभी शाकाहारी और सात्विक प्रसाद थे।” उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाता है, ताकि लोग भौतिकता के बीच भक्ति की मिठास महसूस करें।
स्थानीय निवासी रमेश साहू ने उत्साह से कहा, “सुबह-सुबह ऐसा कीर्तन सुनकर मन प्रसन्न हो गया। बाजार में खरीदारी करते हुए भजन गूंजे तो लगा जैसे स्वर्ग उतर आया। बच्चे भी नाचने लगे।” एक महिला व्यापारी मीना बाई ने बोला की, “प्रसाद लेने के बाद दिन भर ऊर्जा बनी रहती है। इस्कॉन वाले अच्छा काम कर रहे हैं। मोहल्ला मंत्रमुग्ध हो गया था।” बाजार में मौजूद युवाओं ने मोबाइल पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिससे यह दृश्य वायरल होने लगा।
यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी। व्यस्त बाजार में शांति और भक्ति का मेल देखने लायक था। इस्कॉन के भक्तों ने आसपास के 200 से अधिक परिवारों तक प्रसाद पहुंचाया। कीर्तन लगभग एक घंटे चला, जिसमें भजन ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ गाए गए। भक्तों ने उपस्थितजनों को भगवद्गीता के संदेश भी दिए।
रायपुर में इस्कॉन का यह प्रयास सराहनीय है। शहरवासी भक्ति के इस स्वरूप से जुड़ते जा रहे हैं।









