बसंत राघव/बिलासपुर, छत्तीसगढ़। 13 अप्रैल, 2026 पाणिनीय शोध संस्थान, बिलासपुर के तत्वावधान में आगामी 01 मई, को एक भव्य बौद्धिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ‘पौष्पी पाणिनिप्रक्रिया का विश्वपरिचय एवं विद्वत्सम्मान’ विषय पर केंद्रित यह महत्वपूर्ण परिचर्चा स्थानीय माननीय लखीराम स्मृति ऑडिटोरियम में पूर्वाह्न 10:00 बजे से संपन्न होगी।
इस गरिमामयी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पाणिनिप्रक्रिया के वैश्विक महत्व को रेखांकित करना और संस्कृत व्याकरण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले मनीषियों का अभिनंदन करना है।

अतिथि एवं मुख्य वक्ता: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो० श्रीनिवास वरखेड़ी (कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) होंगे। सारस्वत अतिथि के रूप में प्रो० राधावल्लभ त्रिपाठी (पूर्व कुलपति, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय) अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित करेंगे। कार्यक्रम के संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व राज्यमन्त्री श्री अमर अग्रवाल होंगे।
विद्वत्सम्मान: समारोह के दौरान संस्कृत जगत की दो विभूतियों को प्रतिष्ठित ‘पण्डितराज’ उपाधि से विभूषित किया जाएगा:
प्रो० ब्रजभूषण ओझा (आचार्य, व्याकरण विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी)। प्रो० विष्णुकान्त पाण्डेय (विभागाध्यक्ष, व्याकरण विभाग, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर)। संस्थान की अध्यक्षा प्रो० पुष्पा दीक्षित और सचिव श्री चन्द्रप्रकाश वाजपेयी ने समस्त विद्वानों, शोधार्थियों एवं संस्कृत प्रेमियों से इस आयोजन में सहभागी बनने का सादर आग्रह किया है। कार्यक्रम के समापन के पश्चात सभी आमंत्रित अतिथियों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन भी किया गया है।







