हेमचंद्र सोनी/गेवरा –
एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में जारी हड़ताल के बीच प्रबंधन द्वारा बुलाई गई अहम बैठक में कर्मचारियों, मजदूरों और भू-प्रभावित परिवारों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच सार्थक वार्ता के बाद पूर्ण सहमति बन गई और हड़ताल को तत्काल स्थगित कर दिया गया।
बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से मुख्य रूप से अधिकारी धीरज चौधरी और श्रीकांत जी पीएनसी की ओर से HR अशोक राय अजय पाल मैनेजर उपस्थित रहे। वहीं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर-राजनीतिक संगठन की ओर से प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल ने मजबूती से कर्मचारियों की मांगों को रखा।
बैठक में रखी गई प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं- भू-प्रभावित और भू-स्थापित परिवारों को नौकरी में पहली प्राथमिकता दी जाए। पीएनसी में कार्यरत पेटी कॉन्ट्रैक्टरों को HPC रेट के अनुसार उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। ड्राइवर और मजदूरों को हर महीने 10 तारीख से पहले सैलरी का भुगतान किया जाए। जिन कर्मचारियों और मजदूरों का अभी तक गेट पास नहीं बनाया गया है, उनका शीघ्र गेट पास जारी किया जाए।
इन सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। एसईसीएल के अधिकारियों ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लिया और मांगों पर जल्द से जल्द अमल करने तथा समस्याओं का स्थायी निराकरण निकालने का स्पष्ट आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद दोनों पक्षों में पूर्ण सहमति बनी और गेवरा क्षेत्र में चल रही हड़ताल को स्थगित कर दिया गया।
बैठक में जिला संयोजक अतुल दास महंत ने भी अपनी बात रखी और कहा कि भू-प्रभावितों का हक हम बर्दाश्त नहीं करेंगे, चाहे आंदोलन आगे और क्यों न करना पड़े। कुसमुंडा खड़ अध्यक्ष कैलाश साहू भी बैठक में उपस्थित रहे।
यह फैसला गेवरा क्षेत्र के सैकड़ों ड्राइवरों, मजदूरों, पेटी कॉन्ट्रैक्टरों और भू-प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से चली आ रही इन समस्याओं के समाधान की दिशा में यह बैठक एक सकारात्मक कदम साबित हुई है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन का यदि समय पर अमल नहीं किया गया तो संगठन भविष्य में और अधिक सख्त आंदोलन की राह अपनाने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखता है। संगठन के नेताओं ने सभी प्रभावित कर्मचारियों और भू-प्रभावित परिवारों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और प्रबंधन के आश्वासन पर सतर्क नजर रखें।







