पेंड्रा संवाददाता दीपक कश्यप
गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही द्वारा महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, महिला सशक्तिकरण के सवालों और राजनीतिक प्रतिबद्धता पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मरवाही के पूर्व विधायक डॉ. के. के. ध्रुव, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गजमती भानु, आदिवासी राष्ट्रीय कांग्रेस की समन्वयक अर्चना पोर्ते, महासचिव पुष्पराज सिंह, पवन केसरवानी सहित कई वरिष्ठ एवं सक्रिय कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष गजमती भानु ने अपने संबोधन में कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे का केवल राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है, जबकि जमीनी स्तर पर महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. के. के. ध्रुव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल लंबे समय से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है, लेकिन इसे लागू करने में केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने के पक्ष में रही है और भविष्य में भी इस दिशा में संघर्ष जारी रहेगा।
आदिवासी राष्ट्रीय कांग्रेस की समन्वयक अर्चना पोर्ते ने विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला आरक्षण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी महिलाओं के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत है।
महामंत्री पुष्पराज सिंह ने महिला आरक्षण बिल से संबंधित तथ्यों और पार्टी के दृष्टिकोण का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को संगठन और शासन में उचित प्रतिनिधित्व देने का काम किया है।
इस अवसर पर महिला पदाधिकारियों में सविता राठौर, गिरजा रानी पोट्टाम, सुनीता तिमोथी, ममता पैंकरा, मंडल अध्यक्ष रेखा तिवारी सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सम्पत सिंह, शंकर कंवर, कोरजा के उपसरपंच दिलीप सोनी सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
पत्रकार वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि महिला आरक्षण केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकारों और समान प्रतिनिधित्व के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।








