हनुमान प्रसाद यादव/एमसीबी: भरतपुर जनपद वनांचल क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं,इसका जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत जुईली में देखने को मिला है,यहाँ के पंचायत सचिव पर 15 वें वित्त की कई लाख की राशि फर्जी तरीके से आहरण कर गबन करने का गंभीर आरोप लगा है, इस मामले में ग्रामीणों ने कलेक्टर एमसीबी को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग किया था, कई फर्जी कार्यों के नाम पर राशि खेल करने का आरोप। किसी फर्जी सप्लायर के नाम पर एफटीओ जनरेट कर शासन की कई लाख की राशि का आहरण कर लिया गया है, सरपंच की बिना जानकारी के हुए इस वित्तीय हेराफेरी ने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में पुष्टि, फिर भी कार्यवाही नही- ग्रामीणों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘कलेक्टर जनदर्शन’ में इसकी लिखित शिकायत की थी।
विभागीय जांच में राशि का फर्जी आहरण होना सही पाया गया, लेकिन विडंबना यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी न तो आरोपी सचिव से वसूली की गई और न ही उस पर कार्यवाही हुई, ग्रामीण और सरपंच पंच का आरोप है कि इस पूरे घोटाले में जांचकर्ता अधिकारी की संलिप्तता है, जो मामले को रफा-दफा करने और फाइल दबाने की कोशिश कर रहे हैं। इस गबन के कारण पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
ग्रामीणों का चेतावनी ‘ एक सप्ताह में कार्यवाही नहीं, तो होगा घेराव:
ग्रामीणों ने इस मामले में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कलेक्टर एमसीबी को सौंप गए ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी सचिव पर कार्रवाई नहीं होती और राशि वसूली नहीं की जाती ,तो हम ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होगें।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की डाका है। यदि शासन प्रशासन भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों को संरक्षण देना बंद नहीं करता, तो हम उग्र आंदोलन करेंगें।








