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सोना–चांदी में तेजी: वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव तक, जानिए कीमत बढ़ने के बड़े कारण

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वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमत में शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स में सुबह 10:33 बजे सोने का भाव 5 जून 2026 की डिलीवरी अनुबंध के लिए बीते सत्र के मुकाबले 0.01 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 1,52,720 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसी समय, 5 मई 2026 की डिलीवरी अनुबंध के लिए बीते सत्र के मुकाबले चांदी की कीमत भी 0.18 प्रतिशत बढ़कर ₹2,45,065 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

देश के प्रमुख शहरों में आज सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिल रहा है। goodreturns के मुताबिक, दिल्ली में 24 कैरेट सोना (99.9% शुद्धता) ₹15,457 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹14,170 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹11,587 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं मुंबई, कोलकाता और बैंगलोर में सोने के दाम लगभग समान हैं। यहां 24 कैरेट सोना ₹15,442 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹14,155 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹11,582 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। दूसरी ओर चेन्नई में सोने के भाव कुछ अधिक हैं। यहां 24 कैरेट सोना ₹15,524 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹14,230 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹11,870 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का रुख

सोमवार को वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद सोना एक बार फिर संभलकर 4,700 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया, जिससे सत्र की शुरुआती कमजोरी की पूरी तरह भरपाई हो गई।

यह तेजी उस समय देखने को मिली जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है। सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में गिरावट आई थी, जब खबर आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता फिर से शुरू करने के लिए इस्लामाबाद भेजे जाने वाले वरिष्ठ दूतों की यात्रा रद्द कर दी है। वहीं, ईरान ने भी साफ कर दिया था कि वह किसी भी तरह की धमकी या नाकेबंदी की स्थिति में वार्ता में शामिल नहीं होगा।

हालांकि इस तेजी के बावजूद सोने पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि मध्य पूर्व में तनाव से महंगाई बढ़ने का जोखिम है। इससे यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं या आगे और सख्ती कर सकते हैं।

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