इन दिनों जैसी भीषण गर्मी पड़ रही है उससे लड़ने के लिए सिर्फ पानी ही पर्याप्त नहीं है। मिनटों में इतना पसीना निकल जाता है जिससे शरीर के अंदर न सिर्फ पानी की कमी होती है बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस भी बिगड़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर्स पानी की बजाय ऐसी चीजें पीने की सलाह देते हैं जिसमें पानी से अधिक इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हों। आइये जानते हैं इलेक्ट्रोलाइट्स क्या है और इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस करने के लिए क्या पीएं?
इलेक्ट्रोलाइट्स क्या हैं?
इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में पाए जाने वाले ऐसे खनिज (minerals) हैं जिनमें इलेक्ट्रिक चार्ज होता है। हमारे शरीर के अंगों, मांसपेशियों और कोशिकाओं के सही ढंग से काम करने के लिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स दोनों बहुत जरूरी हैं। इनका मुख्य काम शरीर में तरल पदार्थों (fluids) का संतुलन बनाए रखना है।
इलेक्ट्रोलाइट्स के नाम
- सोडियम (Sodium)
- पोटेशियम (Potassium)
- कैल्शियम (Calcium)
- मैग्नीशियम (Magnesium)
- क्लोराइड (Chloride)
- फॉस्फेट (Phosphate)
- बाइकार्बोनेट (Bicarbonate)
इलेक्ट्रोलाइट्स का काम
- दिल, मांसपेशियों और नसों के संकेतों को शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचाना।
- नए ऊतकों यानि नए टिशूज का निर्माण करना।
- खून के जमने में मदद करना।
- दिल की धड़कन को नियंत्रित रखना।
- खून के pH लेवल को संतुलित करना।
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन (Imbalance) क्या है?
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की एक निश्चित मात्रा होनी चाहिए। अगर यह मात्रा बहुत ज्यादा या बहुत कम हो जाए, तो इसे ‘इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन’ कहते हैं। इसके मुख्य कारण ये हो सकते हैं।
डिहाइड्रेशन- ऐसा बहुत ज्यादा गर्मी के मौसम में, किसी खास बीमारी में, जलन या बहुत ज्यादा पसीना आने पर होता है। जिससे शरीर से तरल पदार्थ का तेजी से निकलते हैं।
किडनी की समस्या- जिन्हें किडनी की बीमारी है उनके शरीर में पोटेशियम का स्तर बढ़ सकता है, जो खतरनाक हो सकता है।
अन्य बीमारियां- इसके अलावा टाइप 1 डायबिटीज, खाने-पीने के विकार जैसे बुलिमिया या उम्र बढ़ने पर भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस होने लगते हैं।
दवाएं- कछ दवाएं जैसे लैक्सेटिव (जुलाब), कीमोथेरेपी की दवाएं और बीपी की दवाएं भी असंतुलन पैदा कर सकती हैं।
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस के लक्षण
- मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी या खिंचाव।
- दिल की धड़कन का अनियमित या तेज होना।
- सिरदर्द और बहुत ज्यादा प्यास लगना।
- थकान, भ्रम या सुस्ती महसूस होना।
- ब्लड प्रेशर में बदलाव।
- गंभीर मामलों में दौरे पड़ना।
संतुलन कैसे बनाए रखें?
हेल्दी खाना खाएं- ऐसे फल और सब्जियां खाएं जिनमें प्राकृतिक रूप से इलेक्ट्रोलाइट्स हों।
पानी पिएं- पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं, क्योंकि ज्यादा पानी इलेक्ट्रोलाइट्स को शरीर से बाहर निकाल सकता है।
नमक का कम उपयोग- सोडियम जरूरी है, लेकिन ज्यादा नमक संतुलन बिगाड़ सकता है।
गर्मी से बचें- बहुत तेज धूप या गर्मी में भारी एक्सरसाइज करने से बचें।
वर्कआउट के बाद- भारी एक्सरसाइज के बाद पानी या स्पोर्ट्स ड्रिंक से शरीर में तरल पदार्थों की कमी को पूरा करें।
अगर ज्यादा परेशानी हो तो इसके लिए डॉक्टर से पूछें और उसके बाद ही किसी चीज का सेवन करें।








