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ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण: पांडुलिपियों में निहित ज्ञान परंपरा को बचाने का राष्ट्रीय अभियान कलेक्टर ने की अपील, ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान में बनें भागीदार

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जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
15 जून तक चलेगा सर्वेक्षण अभियान
     जांजगीर-चांपा 29 अप्रैल 2026/ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण संचालित किया जा रहा है। इस महत्त्वपूर्ण पहल का उद्देश्य देशभर में बिखरी अमूल्य पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण सुनिश्चित करना है। यह सर्वेक्षण उन पांडुलिपियों को खोजने और सूचीबद्ध करने का प्रयास है, जो वर्तमान में परिवारों, मंदिरों, मठों, संस्थानों या निजी संग्रहों में सुरक्षित है, लेकिन अभी तक औपचारिक रूप से सर्वेक्षित नहीं हो पाई हैं। यह पहल इन छिपी हुई ज्ञान-संपदाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सर्वेक्षण के पश्चात सरकार इनका डिजिटाइजेशन और संरक्षण करेगी। पांडुलिपियों का स्वामित्व उनको धारण करने वाले व्यक्ति, परिवार और संस्था का ही रहेगा।
      कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक एवं प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मठ, मंदिर, चिकित्सक, साहित्यकार, पत्रकारगण, जन प्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करते हुए हस्तलिखित पांडुलिपि के बारे में जानकारी देने की अपील की। उन्होंने कहा पांडुलिपि की सिर्फ बुनियादी जानकारी साझा करनी होगी, जबकि मूल दस्तावेज सुरक्षित उनके पास ही रहेंगे और मौके पर ही उनकी डिजिटल स्कैनिंग या प्रतिलिपि तैयार की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य विरासत को संरक्षित किया जा सके और शोधकर्ताओं को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होने कहा कि 15 जून तक सर्वेक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री संदीप सिंह ठाकुर, सहायक संचालक जनसंपर्क श्री जरीफ खान सहित मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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