रिपोर्ट- खिलेश साहू
जिला पंचायत धमतरी व कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर में 15वे वित्त की राशि लगभग 4.50 लाख रुपए की लागत से पूनम दुबे घर से खेल मैदान तक पक्की नाली का निर्माण किया जाना है जिसका भूमि पूजन जिला पंचायत सभापति पूजा राजू सिन्हा के हाथों हुआ उक्त कार्यक्रम मे ग्राम के प्रथम नागरिक सरपंच ऋषि साहू, पंच पूनम दुबे व ग्रामीण उपस्थित हुए ,नाली निर्माण के लिए ग्रामीणों ने जिला पंचायत सभापति का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दी।
गांव में नाली निर्माण सिर्फ एक “काम” नहीं, बल्कि जीवन स्तर सुधारने का बुनियादी कदम है-
1..स्वच्छता और स्वास्थ्य का आधार
पक्की नालियाँ बनने से गंदा पानी जमा नहीं होता, जिससे मच्छर और बीमारियाँ (जैसे डेंगू, मलेरिया) कम होती हैं। साफ-सफाई सीधे लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

2. जीवन की सुविधा बढ़ती है
बरसात में कीचड़ और जलभराव की समस्या कम होती है। लोग आसानी से आ-जा सकते हैं, बच्चों को स्कूल और किसानों को खेत तक पहुँचने में दिक्कत नहीं होती।
3. विकास की पहचान
जिस गांव में अच्छी नालियाँ और साफ रास्ते हों, उसे विकसित गांव माना जाता है। यह आगे सड़क, पानी और अन्य योजनाओं के लिए भी रास्ता खोलता है।
4. जिम्मेदारी और पारदर्शिता जरूरी
सिर्फ नाली बनाना काफी नहीं—उसकी गुणवत्ता, सही ढलान और नियमित सफाई भी जरूरी है। कई बार लापरवाही या भ्रष्टाचार के कारण नालियाँ जल्दी खराब हो जाती हैं, इसलिए ग्रामीणों की निगरानी भी अहम है।
5. सामूहिक भागीदारी का महत्व
अगर गांव के लोग खुद सफाई और देखरेख में सहयोग करें, तो नालियाँ लंबे समय तक ठीक रहती हैं और पूरे गांव को फायदा होता है।
गांव में नाली निर्माण स्वच्छता, स्वास्थ्य और विकास की नींव है, लेकिन इसका सही लाभ तभी मिलता है जब निर्माण गुणवत्ता के साथ हो और लोग उसकी देखभाल भी करें।








