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जल संसाधन विभाग पर लग रहे गंभीर आरोप – विश्रामपुरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में मनमानी एवं अनियमितता

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कोंडागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
जलाशय मरम्मत में मनमानी एवं अनियमितता का आरोप 
विश्रामपुरी (न्यूज़) जिले के बड़े राजपुर तहसील अंतर्गत विश्रामपुरी पंचायत में लगभग 2 करोड रुपए की लागत से चल रहे जलाशय मरम्मत एवं नाली निर्माण के कार्य के शुरुआत में ही गंभीर आरोप लग रहे हैं। ठेकेदार एवं संबंधित इंजीनियर पर कार्य में अनियमितता एवं मनमानी की शिकायतें मिल रही है। यह कार्य एक ठेकेदार के द्वारा कराया जा रहा है किंतु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के द्वारा इसे विभागीय कार्य बताया जा रहा है। आखिर विभाग के द्वारा ठेकेदार को परदे के पीछे क्यों रखा जा रहा है यह लोगों की समझ से परे है आखिर विभाग क्या छुपाना चाहता है। लोगों को गुमराह करने के लिए कार्य स्थल पर बोर्ड तक नहीं लगाया गया है क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा बार-बार पूछे जाने पर भी ना तो लागत राशि बताई जा रही है ना ही एस्टीमेट दिखाया जा रहा है जिससे जल संसाधन विभाग के इस कार्य से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
 विश्रामपुरी के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मिलकर निर्माण कार्य का जायजा लिया तो पता चला कि वहां इंजीनियर एवं ठेकेदार के द्वारा मिली भगत करके कार्य को अपने तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने जब वहां इंजीनियर से पूछताछ की तो उन्होंने जानकारी देने में आनाकानी की।
सरपंच पुष्पा चांदेकर, कृष्णा साहू,ताराचंद सेठिया धनु राम नेताम अघनू निषाद आदि ने वहां पहुंचकर पड़ताल की तो पाया कि विभाग के द्वारा मनमानी एवं गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही है तत्पश्चात उन्होंने इस की शिकायत एसडीएम केशकाल से की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभाग के द्वारा जानबूझकर क्षेत्र के लोगों को काम पर नहीं रखा जा रहा है तथा यूपी बिहार से वाहन एवं मजदूर मंगाकर उनका भुगतान दर्शाया जा रहा है ताकि कार्य का अधिक भुगतान करके बंदर बांट किया जा सके। इसके अलावा कार्य को अत्यंत धीमी गति से कराया जा रहा है ताकि बरसात आने पर मलबा दिखाकर राशि निकाला जा सके बता दें कि जल संसाधन पर पूर्व में भी इसी तरह के आरोप लगे थे तत्पश्चात विभाग के अधिकारियों की किरकिरी हुई थी किंतु विभाग के अधिकारी इस पर बाज नहीं आ रहे हैं।
स्टीमेट के आधार पर नहीं हो रहा है कार्य
 जनप्रतिनिधियों ने विभाग के अधिकारियों को एस्टीमेट की मांग की तो उन्होंने एस्टीमेट दिखाने से साफ इनकार कर दिया ग्रामीण चाहते हैं कि सरकार के द्वारा स्वीकृत राशि का सदुपयोग हो और इसका फायदा क्षेत्र के ग्रामीणों को मिल सके किंतु ग्रामीणों की मांग को विभाग के अधिकारियों के द्वारा नजरअंदाज करके अपने ही तरीके से कार्य कराया जा रहा है।
 नहीं लगाया बोर्ड
जलाशय मरम्मत एवं नाली निर्माण का कार्य के लिए लगभग दो करोड रुपए स्वीकृत किया गया है। इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी जा रही है ग्रामीणों के पूछताछ करने पर उनको यह बताया गया कि बड़े अधिकारी आएंगे तो वही बता पाएंगे अभी तक राशि की जानकारी नहीं मिली है इसके अलावा बोर्ड नहीं लगाया गया है इसके बारे में भी वह कुछ नहीं कह सकते क्योंकि यह विभाग के उच्च अधिकारियों के ऊपर है ऊपर से आदेश आएगा तो बोर्ड लगाया जाएगा।मुझे अभी मामले की जानकारी नहीं मिली है,
अभी मैं उच्च अधिकारियों के साथ व्यस्त हूं बाद में पड़ताल करके जानकारी दूंगा।
आर एल धीवर कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग कोंडागांव

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