दंतेवाडा संवाददाता – रिकेश्वर राणा
दंतेवाड़ा /बारसूर – दंतेवाड़ा जिलें के नगर पंचायत बारसूर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत कई मकान पिछले तीन वर्षों से अधूरे पड़े हैं। वार्ड क्रमांक 14 में आधा दर्जन से अधिक आवासों का निर्माण कार्य लंबित है, जबकि पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 60 आवास अब भी अधूरे बताए जा रहे हैं। इससे हितग्राही भारी परेशानी झेल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अलग-अलग वार्डों के हितग्राहियों के खातों में योजना की राशि किश्तों में सीधे जमा की गई थी। इसी बीच स्थानीय ठेकेदारों ने आवास जल्द पूरा कराने का भरोसा दिलाकर हितग्राहियों से संपर्क किया। हितग्राहियों का आरोप है कि दो किश्तों की राशि खाते में आते ही ठेकेदारों ने पैसे निकलवाकर अपने पास रख लिए, कुछ दिन निर्माण कार्य जारी रखकर काम अधूरा छोड़ दिया। परिणामस्वरूप कई परिवार अस्थायी इंतज़ामों में रहने को मजबूर हैं और वर्षों से अपने पक्के घर के पूरे होने का इंतज़ार कर रहे हैं।

वार्ड पार्षद ने उठाया मुद्दा –
14 नंबर के कांग्रेसी वार्ड पार्षद निर्मल पुजारी ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए नगर पंचायत प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि हितग्राहियों के साथ अन्याय हुआ है और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है। पार्षद के अनुसार, तीन साल से आवास अधूरे हैं, लेकिन न तो ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई और न ही प्रभावी प्रशासनिक हस्तक्षेप।
हितग्राहियों का आरोप
हितग्राहियों का कहना है कि राशि खाते में आने के बाद ठेकेदारों ने जल्द निर्माण का आश्वासन देकर पैसे ले लिए। पुराने मकान तोड़ दिए गए, लेकिन नए मकान अब तक पूरे नहीं हुए। उल्टा, अधूरे आवासों को लेकर नगर पंचायत की ओर से हितग्राहियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

नगर पंचायत का पक्ष –
नगर पंचायत नगर पंचायत बारसूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डोमार सिंह साहू का कहना है कि हितग्राहियों ने स्वयं स्थानीय ठेकेदारों को काम सौंपा था। नगर पंचायत ने किसी ठेकेदार को अधिकृत नहीं किया। उनके अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र में लगभग 262 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि करीब 60 आवास अब भी अधूरे हैं।







