हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का विशेष महत्व माना जाता है। इन्हें “बड़ा मंगलवार” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है। इनमें दूसरा बड़ा मंगलवार यानी द्वितीया बड़े मंगलवार अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करते हैं तथा सुख-समृद्धि, शक्ति और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।
बड़े मंगलवार की परंपरा
मान्यता है कि ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार भगवान हनुमान को समर्पित होते हैं। उत्तर भारत विशेषकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में बड़े मंगलवार का पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन जगह-जगह भंडारे, सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
द्वितीया बड़े मंगलवार का धार्मिक महत्व
दूसरा बड़ा मंगलवार विशेष रूप से संकटों को दूर करने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करने से—
- भय और नकारात्मकता दूर होती है
- रोग और शारीरिक कष्टों से राहत मिलती है
- शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है
- घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है
- आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है
हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन उनकी पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पूजा-विधि
द्वितीया बड़े मंगलवार के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद हनुमान मंदिर जाकर या घर में विधिपूर्वक पूजा की जाती है।
पूजा में विशेष रूप से शामिल किया जाता है—
- सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाना
- लाल फूल अर्पित करना
- बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाना
- हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ
- राम नाम का स्मरण
कई भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं और जरूरतमंदों को भोजन एवं दान करते हैं।
भंडारे और सेवा का महत्व
बड़े मंगलवार पर भंडारा कराने की परंपरा बहुत पुरानी है। मान्यता है कि इस दिन भूखे लोगों को भोजन कराने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। जगह-जगह शरबत, पानी, फल और प्रसाद वितरण किया जाता है। यह सेवा भाव और मानवता का प्रतीक माना जाता है।
सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश
द्वितीया बड़े मंगलवार केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज को सेवा, सहयोग और भक्ति का संदेश भी देता है। हनुमान जी का जीवन हमें निष्ठा, परिश्रम और समर्पण की प्रेरणा देता है।








