-धंधापुर और परसवार कला से 2 टिपर वाहन जब्त, बरियों चौकी में किए गए सुपुर्द
-लगातार खबरों और शिकायतों के बाद प्रशासन हुआ सख्त, अवैध रेत कारोबारियों में मचा हड़कंप
राजपुर/बलरामपुर
संवाददाता : युसूफ खान
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में महान नदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो टिपर वाहनों को जब्त किया है। लगातार सामने आ रही खबरों, स्थानीय शिकायतों और प्रशासनिक निर्देशों के बाद सोमवार को खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने राजपुर क्षेत्र के धंधापुर और परसवार कला में दबिश देकर यह कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि महान नदी से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर बिना किसी वैध अनुमति के परिवहन किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार से नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा था, वहीं करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल-पुलियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों पर भी खतरे की आशंका बढ़ रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि रेत माफिया खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान ग्राम धंधापुर एवं परसवार कला क्षेत्र में दो टिपर वाहन महान नदी से अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए गए।
टीम द्वारा वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन वाहन चालकों द्वारा रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। दस्तावेज नहीं मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों टिपर वाहनों को जब्त कर लिया। बाद में जब्त वाहनों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए बरियों चौकी के सुपुर्द कर दिया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि केवल वाहनों की जब्ती तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि अवैध खनन में शामिल मुख्य सरगनाओं और माफियाओं पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
“प्राकृतिक संसाधन जनता की धरोहर हैं। अवैध खनन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि क्या रेत माफियाओं के नेटवर्क पर और बड़ी कार्रवाई होती है या नहीं।








