छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण बड़े-बड़े होर्डिंग्स उखड़ गए, पेड़ सड़क पर गिर पड़े और यातायात प्रभावित हो गया। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर शाम अचानक आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ इलाकों में ओले गिरने से लोग दहशत में आ गए। तेज हवा की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि कई जगह अस्थायी ढांचे और दुकानें भी प्रभावित हुईं।
40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का असर बना रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित
आंधी के दौरान शहर की मुख्य सड़कों पर पेड़ गिरने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें रातभर सड़क साफ करने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं। कुछ इलाकों में लोगों ने सोशल मीडिया पर ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं के वीडियो भी साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी
IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। किसानों को भी फसल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका बनी हुई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी असर
रायपुर के अलावा दुर्ग, बिलासपुर, धमतरी और बस्तर संभाग के कई इलाकों में भी मौसम में बदलाव दर्ज किया गया। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बिजली चमकी। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।








