खिलेश साहू –
कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की घटना पर धमतरी विधायक ओंकार साहू ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ग्रामीण व्यवस्था एवं पंचायत प्रणाली की बड़ी विफलता बताया है।
विधायक ओंकार साहू ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार पंचायतों की उपेक्षा की जा रही है। गांवों के विकास कार्य ठप पड़े हैं, पंचायतों को पर्याप्त अधिकार एवं बजट नहीं मिल रहा है, जिससे सरपंचों में भारी नाराजगी है। अंतागढ़ ब्लॉक के 56 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भाजपा सरकार गांव, किसान और पंचायत व्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर पंचायत प्रतिनिधि स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं। सरपंचों को योजनाओं के संचालन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा प्रशासनिक हस्तक्षेप लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि जनप्रतिनिधियों को मजबूर होकर इस्तीफा देना पड़ रहा है।
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत करने के पक्ष में रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान पंचायतों को अधिकार एवं विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सहयोग दिया गया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों की लगातार अनदेखी हो रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए तथा ग्रामीण विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि पंचायत व्यवस्था मजबूत हो सके और जनता को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।








