बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
हर विकासखंड में लगाया जाए विशेष शिविर: टीए
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रदेश के 1.20 लाख एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के ऑडिट से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक और कोष लेखा एवं पेंशन संचालक को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
.एसोसिएशन ने मांग की है कि शिक्षकों को परेशानी से बचाने के लिए प्रत्येक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र परिक ने संयुक्त रूप से बताया कि सेवा पुस्तिका का समय पर और त्रुटिरहित ऑडिट होना शिक्षकों के भविष्य के लिए बेहद अनिवार्य है।संविलियन पूर्व की सेवा की गणना, पदोन्नति, समयमान, समतुल्य वेतनमान, सातवां वेतनमान और आगामी समय में सेवानिवृत्ति के मामलों को देखते हुए यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए। अभी जो सिस्टम है उसमे डीडीओ द्वारा सेवा पुस्तिका को कोष लेखा एवं पेंशन के संभागीय कार्यालय ले जाकर, तथा कुछ जिलों में स्वयं शिक्षक द्वारा कोष लेखा एवं पेंशन के संभागीय कार्यालय ले जाकर आडिट कराया जाता है। सेवा पुस्तिका के समयबद्ध ऑडिट और सत्यापन के लिए शिक्षकों को अवांछित वित्तीय भार का सामना करना पड़ता है। अक्सर यह देखा गया है कि ऑडिट कार्य को गति देने के लिए शिक्षकों से आर्थिक सहयोग या अनुचित साधनों की अपेक्षा की जाती है। सेवा पुस्तिका के ऑडिट को पूर्णतः निःशुल्क और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि शिक्षकों को किसी भी प्रकार का आर्थिक मानसिक तनाव न झेलना पड़े।

एसोसिएशन की प्रमुख मांगें:
एसोसिएशन ने खंड शिक्षा कार्यालय स्तर पर कैंप का आयोजन कराने ताकि शिक्षकों को अपनी सेवा पुस्तिका के ऑडिट के लिए जिला मुख्यालय या कोष लेखा कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इसके लिए प्रत्येक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विशेष कैंप लगाया जाए, जिससे शिक्षकों के समय की बचत हो और कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सके।
शिक्षकों की संविलियन से पूर्व की सेवा अवधि शिक्षाकर्मी, पंचायत, नगरीय निकाय का ऑडिट स्थानीय नियमों के तहत स्थानीय निधि संपरीक्षा के माध्यम से कराया जाए। शासकीय सेवा में संविलियन होने के बाद की संपूर्ण सेवा अवधि का ऑडिट कोष लेखा एवं पेंशन के माध्यम से कराया जाए , ताकि भविष्य में पेंशन व अन्य स्वत्वों के भुगतान में कोई तकनीकी बाधा न आए।
पेंशन और एरियर के मामले अटके
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने विशेष आग्रह करते हुए कहा कि सेवा पुस्तिका का ऑडिट न होने के कारण वर्तमान में कई शिक्षकों के एरियर भुगतान, और सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों के पेंशन निर्धारण के मामले अटके हुए हैं। इससे शिक्षकों में भारी आक्रोश और चिंता है। एसोसिएशन ने शासन से मांग की है कि प्रदेश के एलबी संवर्ग के शिक्षकों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।








