मानसून की दस्तक से बदलेगा मौसम का मिजाज
प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। इस दौरान कहीं-कहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
इन जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अनुपपुर, डिंडोरी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाओं की गति 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पांच दिन तक बना रहेगा सिस्टम का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी बढ़ने और मानसूनी गतिविधियों के मजबूत होने के कारण अगले पांच दिनों तक बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून की प्रगति अनुकूल बनी हुई है और आने वाले दिनों में इसके और सक्रिय होने की संभावना है। मानसून के आगे बढ़ने के साथ मध्य भारत और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
किसानों के लिए राहत की खबर
मौसम में आए इस बदलाव को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। प्रारंभिक बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की तैयारी में किसानों को मदद मिलेगी। हालांकि मौसम विभाग ने आंधी, बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह भी दी है।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता सलाह
तेज हवा, बिजली गिरने और बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने का आग्रह किया है।
आने वाले पांच दिनों में मौसम का यह बदला हुआ रुख प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत देगा, वहीं मानसून की बढ़ती रफ्तार कृषि और जल संसाधनों के लिए भी शुभ संकेत मानी जा रही है।








