Home चर्चा में TMC में सियासी भूचाल: 20 सांसदों ने NDA को समर्थन देने की...

TMC में सियासी भूचाल: 20 सांसदों ने NDA को समर्थन देने की जताई इच्छा, ममता बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती

22
0

लोकसभा स्पीकर को भेजा गया पत्र, दिल्ली में तेज हुई राजनीतिक हलचल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 20 लोकसभा सांसदों द्वारा कथित तौर पर लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करने की इच्छा जताए जाने से पार्टी के भीतर संकट और गहरा गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब पार्टी पहले से ही आंतरिक असंतोष और टूट की आशंकाओं से जूझ रही है।

राज्यसभा सांसद के इस्तीफे के बाद बढ़ी हलचल
इस राजनीतिक घटनाक्रम से पहले TMC के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम TMC नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।

बागी सांसदों की गतिविधियों पर नजर
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कई सांसद पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग बैठकों में सक्रिय रहे हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुछ सांसदों ने भाजपा नेताओं और NDA से जुड़े प्रमुख रणनीतिकारों से भी संपर्क साधा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

पहले विधायकों की बगावत, अब सांसदों में असंतोष
TMC हाल के दिनों में विधानसभा स्तर पर भी बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर चुकी है। पार्टी के कई विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता को लेकर भी विवाद पैदा हुआ। इसी पृष्ठभूमि में अब सांसदों के असंतोष की खबरों ने पार्टी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

दिल्ली पहुंचीं ममता, संगठन को एकजुट रखने की कोशिश
बताया जा रहा है कि हालात को संभालने के लिए TMC प्रमुख ममता बनर्जी स्वयं दिल्ली पहुंची हैं। पार्टी नेतृत्व सांसदों को एकजुट रखने और किसी बड़े विभाजन को रोकने के प्रयासों में जुटा हुआ है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने इस घटनाक्रम को TMC की आंतरिक कमजोरी और नेतृत्व संकट का परिणाम बताया है। भाजपा का दावा है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई नेता मौजूदा नेतृत्व से नाराज हैं। वहीं TMC नेताओं का कहना है कि पार्टी एकजुट है और विरोधियों द्वारा भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

आगे क्या?
यदि बड़ी संख्या में सांसद NDA के साथ जाने का निर्णय लेते हैं तो इसका असर केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें TMC नेतृत्व की अगली रणनीति और संभावित राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here