मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित महत्वपूर्ण शांति वार्ता फिलहाल रद्द कर दी गई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच यह बातचीत क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में अहम मानी जा रही थी, लेकिन लेबनान में इजराइल की ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद हालात अचानक बदल गए।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्विट्जरलैंड जाने का अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। व्हाइट हाउस ने इसे बातचीत की जटिलताओं और लॉजिस्टिक कारणों से जुड़ा फैसला बताया, जबकि कई रिपोर्टों में लेबनान की स्थिति को वार्ता टलने का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
लेबनान में हमलों से बढ़ी नाराजगी
हाल के दिनों में दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमलों और सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई है। इन हमलों में कई लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। ईरान समर्थित समूहों और तेहरान के राजनीतिक नेतृत्व ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताई है तथा इसे क्षेत्रीय शांति प्रयासों के लिए बाधक बताया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने संकेत दिए हैं कि जब तक क्षेत्र में संघर्षविराम के प्रावधानों का पालन नहीं होता, तब तक औपचारिक वार्ता आगे बढ़ाना मुश्किल होगा।
शांति समझौते पर अनिश्चितता
कुछ दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौता हुआ था, जिसके तहत व्यापक शांति समझौते की दिशा में 60 दिनों की बातचीत शुरू होनी थी। इस प्रक्रिया के तहत परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी।
हालांकि लेबनान में जारी संघर्ष और इजराइल-हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते टकराव ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय हिंसा नहीं रुकी तो अमेरिका-ईरान वार्ता आगे भी प्रभावित हो सकती है।
वैश्विक नजरें अगले कदम पर
दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास दोबारा कब शुरू होते हैं। फिलहाल स्विट्जरलैंड में होने वाली बहुप्रतीक्षित बैठक टल गई है, जिससे मध्य पूर्व में स्थायी शांति की राह और चुनौतीपूर्ण दिखाई देने लगी है।








