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रायपुर में बेखौफ लुटेरे, थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर डेढ़ साल की मासूम बच्ची से सोने की चेन पार, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले गोल बाजार इलाके में एक शातिर महिला लुटेरी ने डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची के गले से सोने की चेन पार कर दी। यह पूरी घटना दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह वारदात गोल बाजार थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक कपड़े की दुकान के सामने हुई, जो अपराधियों के हौसले और पुलिस के खौफ की पोल खोलती है।
​यह पूरी घटना शनिवार शाम करीब पौने आठ बजे की बताई जा रही है। पीड़ित महिला रायपुर में ही एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में कार्यरत हैं। वह सप्ताहांत पर शनिवार की शाम को अपने परिवार और अपनी डेढ़ साल की मासूम बेटी के साथ गोल बाजार इलाके में खरीदारी करने के लिए आई हुई थीं। परिवार पैदल चलते हुए बाजार के प्रसिद्ध जयराम होजरी स्टोर (जयराम कलेक्शन) के पास पहुंचा और वहां सामान देखने लगा।
​इसी दौरान बाजार की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर कुछ संदिग्ध महिलाएं वहां ग्राहक बनकर पहुंच गईं। सीसीटीवी फुटेज को देखने से पता चलता है कि आरोपी महिलाओं की संख्या चार से पांच के आसपास थी, जो एक सोचे-समझे गिरोह की तरह काम कर रही थीं। जब पीड़ित महिला अपनी बच्ची को गोद में लेकर खरीदारी करने में व्यस्त थी, तभी एक शातिर महिला उनके बिल्कुल करीब आकर खड़ी हो गई। उसने बड़ी ही चालाकी और इत्मीनान से बच्ची के गले में मौजूद सोने की चेन पर हाथ साफ करने की कोशिश शुरू कर दी।
​फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि महिला लुटेरी ने एक बार नहीं, बल्कि दो से तीन बार चेन तोड़ने का प्रयास किया ताकि किसी को भनक न लगे। आखिरकार वह बच्ची के गले से सोने की चेन खींचने में कामयाब रही। चेन खींचने के दौरान बच्ची के गले और हाथ पर खरोंच के निशान भी आ गए हैं, जिससे बच्ची को चोट पहुंची है। चेन टूटने के बाद उसका नीचे का पेंडेंट (लॉकेट) वहीं जमीन पर गिर गया, जिसे लुटेरी जल्दबाजी में नहीं उठा सकी और सिर्फ सोने की चेन लेकर वहां से रफूचक्कर हो गई।
​चोरी गई सोने की चेन का वजन करीब एक तोला बताया जा रहा है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। पीड़ित मीडियाकर्मी राशि केसरवानी ने बताया कि वे दुकान के सामने खड़े होकर कपड़े देख रहे थे। बच्ची उनकी गोद में ही थी। आरोपी महिलाएं इतनी शातिर थीं कि उन्होंने इतनी भीड़ के बीच और गोद में बैठी बच्ची के गले से चेन निकाल ली और परिवार को तुरंत इसका अहसास तक नहीं हुआ। जब कुछ देर बाद उन्होंने देखा कि बच्ची के गले में चेन नहीं है, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास जमीन पर ढूंढना शुरू किया, जहां उन्हें चेन का पेंडेंट गिरा हुआ मिला, लेकिन चेन गायब थी।
​इसके बाद पीड़ित महिला ने तुरंत अपने पति को इस घटना की सूचना दी और पूरा परिवार पास ही स्थित गोल बाजार थाने पहुंचा। थाने के इतने करीब हुई इस दुस्साहसिक वारदात की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और सिविल लाइन व क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
​पुलिस अधिकारियों ने दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें पूरी वारदात और संदिग्ध महिलाओं के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इन फुटेज के आधार पर आरोपी महिलाओं की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संदिग्ध महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो रायपुर के सभी थानों, पुलिसिंग ग्रुप्स और गश्त टीमों को भेज दिए गए हैं ताकि उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
​इस मामले में जानकारी देते हुए एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा ने बताया कि राशि केसरवानी अपने परिवार के साथ गोल बाजार क्षेत्र में शॉपिंग करने आई हुई थीं, तभी कुछ संदिग्ध महिलाओं ने इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस को तुरंत एक्टिवेट कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए महिलाओं को आइडेंटिफाई करने का प्रयास किया जा रहा है और पुलिस जल्द ही किसी निर्णायक स्थिति में पहुंच जाएगी।
​जब पुलिस अधिकारियों से यह पूछा गया कि क्या यह कोई स्थानीय चोर हैं या कोई बाहरी गिरोह है, तो उन्होंने बताया कि अभी शुरुआती जांच में कुछ भी स्पष्ट कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, गोल बाजार और कोतवाली के सराफा बाजार इलाके में पहले भी इस तरह की वारदातें सामने आ चुकी हैं, जिनमें दूसरे राज्यों जैसे महाराष्ट्र के महिला चोर गिरोह शामिल पाए गए थे। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता है, जिसमें चार से पांच महिलाएं एक साथ बाजार में घूमती हैं। ये महिलाएं ऐसे परिवारों को निशाना बनाती हैं जिनके साथ छोटे बच्चे होते हैं या जो खरीदारी में पूरी तरह व्यस्त होते हैं। गिरोह की कुछ महिलाएं पीड़ित परिवार के आसपास खड़े होकर दुकानदारों या अन्य लोगों का ध्यान भटकाने का काम करती हैं, जबकि एक मुख्य महिला बेहद सफाई से आभूषण चोरी कर लेती है। इस वारदात का तरीका भी ठीक वैसा ही है, इसलिए पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे किसी अंतरराज्यीय महिला गिरोह का हाथ हो सकता है।
​इस घटना ने रायपुर की कानून व्यवस्था और वीआईपी इलाकों में पुलिस की गश्त पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गोल बाजार शहर का एक ऐसा इलाका है जहां हर वक्त सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है और पुलिस थाना भी बिल्कुल नजदीक है। ऐसे में अपराधियों द्वारा पुलिस थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर, शाम के समय इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना यह दिखाता है कि अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों में भी इस घटना के बाद से असुरक्षा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं और शहर के बाहर जाने वाले रास्तों तथा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूटी गई सोने की चेन बरामद कर ली जाएगी।

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