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2 दिन का समय बीत जाने के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर द्वारा शासकीय आदेश की अवहेलना

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जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर के सहायक अध्यापक भुवनेश्वर प्रसाद जो प्रभारी प्राचार्य के रूप में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर में कार्यरत थे
भुनेश्वर साहू का 11 जून 2026 को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रति नियुक्ति समाप्त करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पौड़ी दलहा में पर स्थापना की गई परंतु आज तक उच्च कार्यालय द्वारा भुनेश्वर प्रसाद साहू को कार्य मुक्त नहीं किया गया जबकि नियम था यदि वे स्वयं से कार्य मुक्त नहीं हुए तो 20 दिन के पश्चात उन्हें संस्था के वरिष्ठ शिक्षक के द्वारा एक तरफा कार्य मुक्त करना चाहिए था यदि वे कार्य मुक्त नहीं करते हैं तो उच्च कार्यालय को कार्य मुक्त करना चाहिए था इस संबंध में संस्था के कई कर्मचारियों ने भुनेश्वर प्रसाद साहू को एक तरफा कार्य मुक्त करने के लिए कलेक्टर जांजगीर, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर, उन्नत अध्ययन शिक्षण संस्थान बिलासपुर, सचिव शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ रायपुर, अवर सचिव शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को आवेदन दिया परंतु आज तक भुनेश्वर प्रसाद साहू को कार्य मुक्त नहीं किया गया भुनेश्वर प्रसाद साहू 16 जून 2026 से कार्य मुक्त होने की जगह अवकाश पर चले गए ज्ञात हो यह अवकाश उन्होंने निजी रूप से उन्नत अध्ययन शिक्षण संस्थान बिलासपुर को प्रेषित किया था संस्था की ओर से उनका आवेदन प्रेषित नहीं किया गया था अवकाश में रहते हुए भुनेश्वर प्रसाद साहू ने 16 से 19 जून 2026 तक वित्तीय कार्य घर से संपादित किया कई चेक काटा गया इसके बावजूद उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है

भुनेश्वर प्रसाद साहू ने प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की परंतु याचिका WPS no. 4704 of 2026 हाई कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई स्पष्ट है कि कोर्ट ने भी भुनेश्वर प्रसाद साहू के प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के आदेश को सही माना इसका अर्थ यह है कि भुनेश्वर प्रसाद साहू प्राचार्य के प्रभार में नहीं है और उन्हें तुरंत कार्यमुक्त होना चाहिए परंतु 3 अगस्त 2026 से वह शिक्षक उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर रहे हैं प्राचार्य का सील और अपना साइन लगाकर संस्था में विभिन्न आदेश जारी कर रहे हैं समाचार पत्र में भी प्रभारी प्राचार्य के रूप में खबर छपवा रहे हैं उन्हें DDO का प्रभार तुरंत वरिष्ठ शिक्षक को सौंपना चाहिए 6 अगस्त तक संस्था के कर्मचारियों को वेतन प्राप्त नहीं हुआ है ज्ञात हो कि संस्था के कर्मचारियों का वेतन बिल भी स्वयं ही प्राचार्य का सील लगाकर हस्ताक्षर कर रहे हैं स्पष्ट है कि उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर को अपनी निजी संपत्ति मान लिया है और मनमानी हरकतें किए जा रहे हैं शासकीय नियमों के विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं परंतु शासन एवं प्रशासन उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कर रही है कलेक्टर जांजगीर जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर को लिखित रूप से निर्देश देते हैं कि भुनेश्वर प्रसाद साहू को कार्य मुक्त किया जाए बावजूद इसके जिला शिक्षा अधिकारी भुनेश्वर प्रसाद साहू को कार्य मुक्त करने के बजाय उन्हें दो दिन का समय देते हैं भुवनेश्वर प्रसाद साहू ने 3 अगस्त 2026 को संस्था में अपनी उपस्थिति दी इस दृष्टिकोण से तीन और चार को समय सीमा समाप्त हो चुकी है परंतु जिला शिक्षा अधिकारी की मेहरबानी उन पर निरंतर बरस रही है और उन्होंने आज पर्यंत तक भुनेश्वर प्रसाद साहू को कार्य मुक्त नहीं किया है अर्थात वह माननीय कलेक्टर महोदय के आदेश की खुलेआम अवहेेना कर रहे हैं आश्चर्य की बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हो रही है और उच्च अधिकारी स्वयं भी भुनेश्वर प्रसाद साहू को एक तरफा कार्य मुक्त कर सकते हैं परंतु सभी के सभी उच्च अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर के ऊपर जिम्मेदारी डाल दे रहे हैं आश्चर्य की बात यह है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर के उपप्राचार्य एल के पांडे स्वयं भी भुनेश्वर प्रसाद साहू को एक तरफा कार्य मुक्त कर सकते हैं लेकिन उनसे गहरी दोस्ती निभाए जा रहे हैं

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