संवाददाता – निलेश सिंह
जांजगीर-चांपा:
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, IPS के निर्देशन में चलाए जा रहे किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान अकलतरा थाना क्षेत्र से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान सेवक सिंह (23), पुत्र बलविंदर सिंह, निवासी पट्टी, थाना पट्टी, जिला तरन तारण (पंजाब) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना अकलतरा में अपराध क्रमांक 350/26 के अंतर्गत धारा 152 एवं 61(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है।जांच के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि मिनीमाता चौक स्थित राजीव केडिया के मकान में अन्य प्रदेशों के कई किरायेदार रह रहे हैं। मकान में सत्यापन के दौरान सेवक संदिग्ध स्थिति में मिला। पूछताछ में उसने पाकिस्तान के समीप किसी क्षेत्र का निवासी बताने की कोशिश की, परंतु उसके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए।
संदेह पर उसकी मोबाइल जांच की गई जिसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब और मैक्सिको सहित विदेशी नंबरों के साथ संपर्क के प्रमाण मिले।प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह पिछले कुछ महीनों से ISI समर्थित नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि आरोपी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर विदेशी संपर्कों से लगातार संवाद में था और उसने छत्तीसगढ़ के संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण व्यक्तियों, वाहन नम्बरों तथा लोकेशन और फोटो-वीडियो जैसी सूचनाएँ प्रदान कीं।अभियुक्त के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग और कॉल लॉग जैसे डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। मोबाइल को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि संपर्कों और संदेशों की विस्तृत पड़ताल की जा सके।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक सामग्री में आरोपी के विदेशी संपर्कों—जो पाकिस्तान, सऊदी अरब और मैक्सिको के नंबरों से थे का प्रमाण मिला है।जांच में यह भी संकेत मिला है कि पाकिस्तान स्थित सहयोगियों द्वारा ड्रोन के माध्यम से हथियार भेजने की योजना बनाई जा रही थी। हथियार प्राप्त होने पर आरोपी को दिए गए लक्ष्यों पर हमला करने या टारगेट किलिंग का काम सौंपा जाना था। पुलिस यह बात फोरेंसिक व विस्तृत जांच से ही पुष्टि करेगी।पुलिस ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है और कहा है कि आरोपी की गतिविधियाँ देश की एकता और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। फिलहाल पूरे नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए मामले की गहन जांच जारी है। सुरक्षा और पुलिस एजेंसियाँ डिजिटल साक्ष्यों और विदेशी संपर्कों की कड़ियाँ जोड़ने में लगी हैं। आगे की जांच के बाद और अहम खुलासे संभव हैं।पुलिस का यह भी कहना है कि संवेदनशील सूचनाएं साझा करने और विदेशी खुफिया एजेंसाओं से संपर्क रखने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।








