रायपुर संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पूरे शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब महज चौबीस घंटे के भीतर अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन अज्ञात युवकों के शव बरामद किए गए। इन तीन घटनाओं में से एक मामले में युवक की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या किए जाने की साफ आशंका जताई जा रही है, जबकि बाकी दो मामलों में मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस तफ्तीश कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती इन तीनों मृतकों की पहचान करने की है, क्योंकि पुलिस को अब तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है जिससे इनकी शिनाख्त हो सके।
पहली और सबसे खौफनाक वारदात खमतराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डब्ल्यूआरएस कॉलोनी की है। यहां सुबह के समय स्थानीय लोगों ने एक युवक का लथपथ शव देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची खमतराई थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने जब बारीकी से मुआयना किया, तो पता चला कि युवक के सिर पर किसी भारी और कुंद हथियार या पत्थर से ताबड़तोड़ वार किए गए थे। युवक का चेहरा और सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे साफ जाहिर होता है कि हमलावर उसे जान से मारने की नीयत से ही आए थे और उन्होंने अत्यंत क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस के मुताबिक, मृतक युवक की उम्र लगभग पच्चीस से तीस वर्ष के बीच लग रही है। उसकी शिनाख्त करने के लिए पुलिस ने उसके शरीर के कई हिस्सों की जांच की, जिसमें उसके हाथ पर एक विशेष टैटू बना हुआ मिला है। पुलिस को उम्मीद है कि इस टैटू के जरिए युवक की पहचान जल्द ही हो जाएगी। आस-पास के लोगों से पूछताछ करने और हाल ही में लापता हुए लोगों के रिकॉर्ड खंगालने का काम तेजी से किया जा रहा है। घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि देर रात या अलसुबह वहां से गुजरने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके।
अभी पुलिस इस खौफनाक हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर ही रही थी कि रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेटल पार्क इलाके से एक और युवक का शव मिलने की खबर आ गई। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस इलाके में लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। यहां काम करने वाले मजदूरों और राहगीरों ने एक युवक को अचेत अवस्था में पड़े देखा। जब पास जाकर देखा गया तो उसकी धड़कनें रुक चुकी थीं। उरला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। इस मृतक की उम्र भी करीब तीस वर्ष के आस-पास आंकी जा रही है।

मेटल पार्क में मिले इस युवक के शरीर पर बाहरी तौर पर चोट के कोई गहरे या स्पष्ट निशान दिखाई नहीं दिए हैं, जिसके कारण उसकी मौत की वजह को लेकर रहस्य गहरा गया है। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। यह अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का मामला भी हो सकता है, या फिर किसी जहरीले पदार्थ के सेवन या अंदरूनी बीमारी की वजह से भी मौत हो सकती है। हालांकि, पुलिस हत्या या किसी अन्य साजिश के कोण को भी पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही है और हर संभावित पहलू से मामले की जांच कर रही है।

इसी सिलसिले में तीसरी घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के भाठागांव इलाके की है। भाठागांव एक व्यस्त और रिहायशी इलाका है, जहां अंतरराज्यीय बस टर्मिनल भी स्थित है। इस इलाके के एक सुनसान हिस्से से भी एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया गया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर टिकरापारा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। इस युवक की उम्र भी अन्य दोनों मृतकों के समान ही युवाओं वाली श्रेणी में है। शुरुआती जांच में पुलिस को मृतक के पास से ऐसा कोई पहचान पत्र, मोबाइल या दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसका नाम या पता मालूम किया जा सके। भाठागांव में शव मिलने से स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है। इस मामले में भी पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत स्वाभाविक थी, कोई दुर्घटना थी या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी है।
एक ही दिन में तीन अलग-अलग जगहों से युवाओं के शव मिलने की घटनाओं ने रायपुर पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इन सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लिया है। तीनों ही थानों की पुलिस को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन तीनों मामलों का आपस में कोई संबंध है या फिर यह महज एक इत्तेफाक है। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से रायपुर और उसके आस-पास के सभी जिलों के थानों को इन मृतकों के हुलिए, कपड़ों और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी वाले युवक के हाथ पर बने टैटू की तस्वीरें भेजी गई हैं, ताकि यदि किसी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई हो तो मिलान किया जा सके।
राजधानी रायपुर जैसे बड़े और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील शहर में चौबीस घंटे के भीतर तीन शवों का मिलना कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े करता है। विशेषकर डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में हुई हत्या की वारदात ने रेलवे और पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और सूनी जगहों पर गश्त की कमी का फायदा उठाकर अपराधी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे देते हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जाए।
रायपुर पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इन युवकों के बारे में कोई भी जानकारी हो, या किसी का कोई रिश्तेदार या परिचित पिछले कुछ दिनों से लापता हो, तो वे तुरंत नजदीकी थाने में आकर संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि पहचान स्थापित होने के बाद ही जांच की दिशा तय हो पाएगी कि ये युवक कहां के रहने वाले थे, रायपुर किस सिलसिले में आए थे और उनके साथ क्या हादसा हुआ या किसने दुश्मनी के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस ने तीनों शवों को मर्च्युरी में सुरक्षित रखवा दिया है और वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटी है। आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे ही इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा पाएंगे।








