संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
विशेष ग्राम सभाओं में उर्वरक प्रबंधन, डीएसआर पद्धति और फसल विविधीकरण पर किया गया मार्गदर्शन
बिलासपुर, 25 जून 2026/ खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों के तहत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा इन ग्राम सभाओं में किसानों को बदलती मौसम परिस्थितियों के अनुरूप खेती करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।
उप संचालक कृषि पी.डी. हथेवर ने बताया कि ग्राम सभाओं में किसानों को उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा ‘धरती माता बचाओ एवं खेत बचाओ अभियान’ के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। साथ ही नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग की विधि भी समझाई गई। मौसम विभाग द्वारा मानसून में संभावित विलंब और वर्षा की अनियमितता की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों की समयपूर्व तैयारी, मेड़बंदी तथा भूमि सुधार कार्य पूर्ण करने की सलाह दी गई। किसानों को कम एवं मध्यम अवधि वाली फसलों और उन्नत किस्मों के चयन के साथ कतार पद्धति से बुवाई अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कृषि विभाग ने उच्च भूमि क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने तथा मध्यम एवं निम्न भूमि क्षेत्रों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति से धान उत्पादन की जानकारी दी। किसानों को यह भी बताया गया कि धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों का रकबा बढ़ाने पर शासन द्वारा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। ग्राम सभाओं में बीज उपचार, मल्चिंग, नीली-हरी काई के उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण संबंधी तकनीकी जानकारी भी दी गई। कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।








