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वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर खरे एवं प्रक्षेत्र विस्तार अधिकारी जितेंद्र कुमार खरे ने किसानों को दिए महत्वपूर्ण सुझाव

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(स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं महान समाजसेवी स्वर्गीय हिंच्छाराम खरे, स्वर्गीय गणेशराम खरे तथा महान देहदानी स्वर्गीय मनोज कुमार खरे की स्मृति में जनहितार्थ)

जुलाई माह में खरीफ फसलों की बुवाई एवं कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर खरे (सस्य विज्ञान) तथा प्रक्षेत्र विस्तार अधिकारी जितेंद्र कुमार खरे ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि सलाह जारी की है। उन्होंने कहा कि समय पर वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन के साथ-साथ फसलों एवं पशुओं को होने वाले नुकसान से भी बचा सकते हैं।

जुलाई माह के प्रमुख कृषि कार्य एवं आवश्यक सलाह

  1. बुवाई से पूर्व बीजों का फफूंदनाशी दवा से उपचार अवश्य करें। इसके बाद जैव उर्वरक जैसे पीएसबी, राइजोबियम एवं एजोटोबैक्टर से उपचारित कर ही बुवाई करें।
  2. नर्सरी तैयार होने पर मिर्च, बैंगन एवं फूलगोभी की पौधों की समय पर रोपाई करें।
  3. अदरक, हल्दी, भिंडी एवं बरबटी की फसलों में नियमित रूप से निंदाई-गुड़ाई करें तथा आवश्यकता होने पर सिंचाई की उचित व्यवस्था बनाए रखें।
  4. जुलाई माह केले के पौधों की रोपाई के लिए उपयुक्त समय है। किसान इस कार्य की शुरुआत करें।
  5. आम, अमरूद, नींबू सहित अन्य नए फलदार वृक्षों का रोपण भी इसी समय करें।
  6. वर्षा ऋतु में पशुओं को गंदा एवं रुका हुआ वर्षा का पानी पीने से बचाएं, जिससे वे संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रहें।
  7. पशुओं को जलभराव एवं अत्यधिक गीले स्थानों पर चराने से बचें।
  8. सोयाबीन की फसल में खरपतवार नियंत्रण हेतु अनुशंसित मात्रा में निंदानाशक दवाओं का छिड़काव करें।
  9. गन्ने की नई फसल में आवश्यकतानुसार निंदाई-गुड़ाई कर मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें।
  10. धान की रोपाई सदैव कतार पद्धति से करें। इससे पौधों की संख्या संतुलित रहती है तथा निराई-गुड़ाई, उर्वरक प्रबंधन एवं अन्य कृषि कार्यों में सुविधा होती है।
  11. किसान क्रॉप डॉक्टर एवं राइस आईएफसी (Rice IFC) मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर आधुनिक कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करें तथा स्वयं अपनी फसलों के बेहतर प्रबंधन में सक्षम बनें।
  12. दामिनी (Damini) एप डाउनलोड कर बिजली, वज्रपात एवं वर्षा की सटीक जानकारी प्राप्त करें तथा स्वयं एवं अपने पालतू पशुओं को आकाशीय बिजली से सुरक्षित रखें।
  13. यदि गरज-चमक एवं बिजली गिरने की संभावना के दौरान सुरक्षित स्थान उपलब्ध न हो, तो खुले स्थान पर अपने दोनों घुटनों को जोड़कर बैठें तथा दोनों हाथों से अपने कान ढक लें।
  14. आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के समय किसी भी पेड़, झाड़ी या ऊँचे स्थान के नीचे शरण न लें, क्योंकि इससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम एवं वैज्ञानिक सलाह के अनुसार कृषि कार्य करें, ताकि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सके।

 

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