संवाददाता – रघुराज
देश के सामने आया अनोखा मामला, जानिए क्या है बैट बीएमएस ऐप का पूरा सच और कैसे सुरक्षित रहें ई-रिक्शा चालक
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक चीनी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए सड़कों पर दौड़ते हुए ई-रिक्शा को कोई भी व्यक्ति दूर से ही रिमोटली बंद कर सकता है। यह खबर जैसे ही आम लोगों और ई-रिक्शा चालकों के बीच पहुंची, हड़कंप मच गया। अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार का आईटी मंत्रालय यानी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक्शन में आ गया है। सरकार की ओर से ऐसे खतरनाक चीनी ऐप्स को भारतीय प्ले स्टोर और अन्य प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह से हटाने और प्रतिबंधित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
टाइम्स नाऊ नवभारत की एक जमीनी ग्राउंड रिपोर्ट में इस पूरे मामले की सच्चाई को परखा गया है। रिपोर्टर ने दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 16 इलाके में जाकर सीधे उन ई-रिक्शा चालकों से बात की, जो पिछले कुछ समय से इस अजीबोगरीब समस्या से जूझ रहे थे। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है, यह चीनी ऐप कैसे काम करता है और सड़कों पर सफर करने वाले यात्रियों और चालकों के लिए यह कितना बड़ा सुरक्षा का खतरा बन चुका है।
क्या है बैट बीएमएस ऐप और यह कैसे काम करता है?
जिस एप्लीकेशन को लेकर सोशल मीडिया और जमीन पर इतनी चर्चा हो रही है, उसका नाम बैट बीएमएस (BAT-BMS) है। यह मूल रूप से एक चीनी एप्लीकेशन है जिसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को नियंत्रित करने के लिए डिजाइन किया गया था। जब कोई इस ऐप को अपने स्मार्टफोन में खोलता है, तो इसका यूजर इंटरफेस काफी सीधा दिखाई देता है, जिसमें पैरामीटर, कंट्रोल और रियल-टाइम डेटा जैसे तीन मुख्य विकल्प मिलते हैं।
यह ऐप ब्लूटूथ या वायरलेस तकनीक के जरिए आसपास मौजूद ई-रिक्शा की लिथियम-आयन बैटरियों को डिटेक्ट यानी खोज लेता है। ऐप ओपन करते ही पास में मौजूद ई-रिक्शा के कनेक्शन का विकल्प स्क्रीन पर आ जाता है। एक बार जब यह ऐप किसी ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट हो जाता है, तो उस वाहन की बैटरी का पूरा कंट्रोल ऐप चलाने वाले के हाथ में आ जाता है।
इस ऐप के कंट्रोल पैनल में दो बेहद महत्वपूर्ण बटन होते हैं – पहला चार्ज स्विच और दूसरा डिस्चार्ज स्विच। अगर कोई व्यक्ति चार्ज स्विच को ऑफ कर देता है, तो ई-रिक्शा रात में चार्जर से कनेक्ट होने के बावजूद चार्ज नहीं हो पाएगा। वहीं, सबसे खतरनाक बात यह है कि यदि चलते हुए ई-रिक्शा के पास जाकर कोई इसका डिस्चार्ज स्विच ऑफ कर देता है, तो बैटरी तुरंत वाहन को बिजली यानी पावर सप्लाई देना बंद कर देती है। इसके परिणामस्वरूप, रफ्तार में दौड़ रहा ई-रिक्शा अचानक सड़क के बीचों-बीच बिना किसी चेतावनी के खड़ा हो जाता है।
वरदान से अभिशाप कैसे बना यह चीनी ऐप?
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान नोएडा के सेक्टर 16 में ई-रिक्शा चलाने वाले शंकर भाई नामक एक चालक ने इस ऐप को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि यह ऐप असल में कुछ महीनों पहले खुद ई-रिक्शा चालकों के बीच आया था। शुरुआत में यह चालकों के लिए एक बेहतरीन सुरक्षा कवच या वरदान जैसा था। ड्राइवर जब दोपहर में खाना खाने जाते थे या रात को गाड़ी खड़ी करते थे, तो वे सुरक्षा के लिहाज से इस ऐप के जरिए अपनी ही गाड़ी का डिस्चार्ज स्विच बंद कर देते थे। इससे फायदा यह होता था कि कोई भी उनकी गैरमौजूदगी में ई-रिक्शा को चुराकर नहीं ले जा सकता था।
लेकिन मुसीबत तब शुरू हुई जब यह ऐप आम लोगों, बच्चों और कुछ शरारती तत्वों के हाथों में फैल गया। जब यह ऐप हर किसी के पास पहुंच गया, तो लोगों ने इसका गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। शरारती तत्व सड़कों के किनारे खड़े होकर या पीछे से आते हुए सिर्फ मनोरंजन या प्रैंक के लिए राह चलते ई-रिक्शा को डिटेक्ट करते और उनका डिस्चार्ज स्विच बंद कर देते। शंकर भाई ने बताया कि उनके साथ खुद सेक्टर 16 में ऐसा हो चुका है, जब उनका ई-रिक्शा अच्छी-खासी रफ्तार में चल रहा था और अचानक बंद हो गया।
सड़क सुरक्षा पर मंडराता एक बड़ा खतरा
चलती सड़क पर अचानक किसी भी वाहन का बंद हो जाना कोई मामूली बात नहीं है। यह सीधे तौर पर इंसानी जान के साथ खिलवाड़ है। ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि यह बहुत बड़ी समस्या है। अगर कोई ई-रिक्शा मुख्य सड़क पर चल रहा हो, और उसके पीछे तथा दोनों तरफ से भारी वाहन या तेज रफ्तार गाड़िया…








