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रायपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बड़ी वारदात, कलश यात्रा की भीड़ में पांच महिला श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन पार

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर में आध्यात्मिक माहौल के बीच शातिर चोरों का तांडव, देवकीनंदन ठाकुर की कथा के पहले ही दिन उमड़ी भीड़ का फायदा उठाकर उड़ाई लाखों की ज्वेलरी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इन दिनों प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के श्रीमुख से बह रही श्रीमद्भागवत कथा के रस में सराबोर है। शहर के डूमरतराई क्षेत्र में इस भव्य और दिव्य धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा था। लेकिन कथा के शुभारंभ के मौके पर आयोजित की गई भव्य कलश यात्रा के दौरान एक ऐसी अप्रिय घटना घट गई, जिसने न केवल पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता भी बढ़ा दी है। भीड़भाड़ का फायदा उठाने वाले शातिर चोरों के एक गिरोह ने इस पावन कलश यात्रा को अपना निशाना बनाया और पलक झपकते ही पांच महिला श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन साफ कर दी। इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस अब चोरों की सरगर्मी से तलाश में जुट गई है।
राजधानी रायपुर का डूमरतराई मैदान इन दिनों पूरी तरह से भक्तिमय हो चुका है। यहां देश के विख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार, किसी भी बड़े धार्मिक अनुष्ठान या भागवत कथा की शुरुआत से पहले नगर में कलश यात्रा निकालने का विधान है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए आठ जुलाई को रायपुर में एक विशाल और भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया था। इस यात्रा में शामिल होने के लिए रायपुर शहर के कोने-कोने से और आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंचे थे। महिलाएं पारंपरिक पीले और लाल वस्त्रों में सज-धजकर, सिर पर पवित्र मंगल कलश धारण किए हुए मंगल गीत गाती चल रही थीं। पूरी फिजा जयकारों से गूंज रही थी और हर तरफ उत्सव जैसा माहौल था।
कलश यात्रा में उमड़ी इस अगाध भीड़ और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के बीच कुछ ऐसे असामाजिक तत्व भी शामिल हो चुके थे, जिनका मकसद भक्ति नहीं बल्कि अपराध था। जैसे ही कलश यात्रा मुख्य मार्ग से आगे बढ़ी और श्रद्धालुओं का हुजूम एक साथ संकरी जगहों से गुजरने लगा, वहां अत्यधिक भीड़ की स्थिति निर्मित हो गई। इसी भारी भीड़भाड़, धक्का-मुक्की और ढोल-नगाड़ों के शोर का फायदा उठाकर शातिर चोरों ने अपना काम शुरू कर दिया। चोरों ने बहुत ही चालाकी से उन महिला श्रद्धालुओं को अपना निशाना बनाया जो कलश यात्रा में आगे चल रही थीं और पूरी तरह से भक्ति भाव में लीन थीं।
चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने एक या दो नहीं, बल्कि एक के बाद एक कुल पांच महिलाओं को अपना शिकार बनाया। कलश यात्रा के दौरान जब महिलाएं भजन गाते हुए आगे बढ़ रही थीं, तभी भीड़ का फायदा उठाकर अपराधियों ने उनके गले में पहनी हुई सोने की चेन पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोरों ने इतनी सफाई से इस वारदात को अंजाम दिया कि महिलाओं को तुरंत इसका अहसास तक नहीं हुआ। जब कलश यात्रा अपने गंतव्य पर पहुंची और भीड़ थोड़ी कम हुई, तब जाकर पीड़ित महिलाओं का ध्यान अपने सूने गलों पर गया। गले से सोने की महंगी चेन गायब देखकर महिलाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। खुशी और भक्ति का माहौल देखते ही देखते चीख-पुकार और रोने-धोने में बदल गया।
इस वारदात की शिकार हुई महिलाओं ने तुरंत अपने परिजनों को इसकी सूचना दी। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों के बीच भी हड़कंप मच गया। जब पीड़ित महिलाओं ने आपस में बात की तो पता चला कि यह किसी एक के साथ हुई घटना नहीं है, बल्कि एक ही ढर्रे पर पांच अलग-अलग महिलाओं की चेन चोरी की गई है। इससे यह साफ हो गया कि इस पूरी वारदात के पीछे किसी एक अकेले चोर का हाथ नहीं है, बल्कि इसके पीछे जेबकतरों और चेन स्नैचर्स का एक पूरा संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो संभवतः ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में चोरी करने के लिए ही रायपुर पहुंचा है।
चोरी की इस बड़ी घटना के बाद पीड़ित महिलाएं और उनके परिजन तुरंत नजदीकी पुलिस थाने पहुंचे। थाने में दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कई टीमें गठित की गईं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल यानी डूमरतराई और कलश यात्रा के पूरे मार्ग पर रवाना की गई, ताकि वहां के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा सकें।
धार्मिक आयोजनों में इस तरह की चोरियां होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक ही यात्रा में पांच महिलाओं से चेन लूटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब इतने बड़े पैमाने पर आयोजन हो रहा था और हजारों की भीड़ जुटने की उम्मीद पहले से थी, तो पुलिस प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे। कलश यात्रा के मार्ग पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए थी, ताकि ऐसे संदिग्ध तत्वों पर नजर रखी जा सके। वहीं दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे, लेकिन अत्यधिक भीड़ और श्रद्धालुओं के हुजूम के कारण शातिर अपराधी इसका लाभ उठाने में सफल रहे।
वर्तमान में पुलिस की जांच पूरी तरह से तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के नेटवर्क पर टिकी हुई है। पुलिस कलश यात्रा के मार्ग पर आने वाली दुकानों, मकानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाल रही है, ताकि भीड़ में किसी संदिग्ध व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि की पहचान की जा सके। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हाल ही में जेल से छूटे चेन स्नैचर्स या बाहरी राज्यों से आए किसी गिरोह का इस वारदात में हाथ तो नहीं है। रायपुर के स्थानीय मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है और सराफा बाजार के व्यापारियों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है, ताकि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति सोने की चेन बेचने की कोशिश करे, तो तुरंत पुलिस को सूचना मिल सके।
इस घटना ने आने वाले दिनों के लिए श्रद्धालुओं और कथा आयोजकों को भी सतर्क कर दिया है। देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की कथा अभी अगले कुछ दिनों तक लगातार चलेगी और आने वाले दिनों में पंडाल में इससे भी ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना है। ऐसे में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आयोजन समिति ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने का फैसला किया है। कथा स्थल और उसके आसपास निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जा रही है और लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार श्रद्धालुओं को अपने कीमती सामान, मोबाइल और आभूषणों की सुरक्षा स्वयं करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
रायपुर की जनता और इस कथा में शामिल होने आ रहे श्रद्धालुओं के लिए यह घटना एक सबक की तरह है। किसी भी बड़े धार्मिक या सार्वजनिक आयोजन में जाते समय अत्यधिक कीमती आभूषण पहनकर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि भीड़ का फायदा उठाने वाले अपराधी हमेशा ऐसे ही मौकों की ताक में रहते हैं। बहरहाल, अब देखना यह होगा कि रायपुर पुलिस इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश करने और पीड़ित महिलाओं के सोने के आभूषण वापस दिलाने में कब तक कामयाब हो पाती है। पुलिस ने दावा किया है कि बहुत जल्द आरोपी उनकी गिरफ्त में होंगे।

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