(संवाददाता उमेश कुमार प्रजापति सरगुजा)
सरगुजा के बतौली-बगीचा राजकीय सड़क के हालत अब गांव वाले मन बर भारी मुसीबत बन गे हवय। सड़क जघा-जघा बड़े-बड़े गड्ढा ले भर गे हवय, अउ धूप निकलते ही भारी गाड़ी मन के आवत-जावत ले धूल के गुबार उड़त हवय। ए धूल ले राहगीर, दुकानदार अउ गांव वाले मन ला भारी दिक्कत होवत हवय।
बतौली-बगीचा सड़क: गड्ढा, धूल अउ दुर्घटना ले त्रस्त ग्रामीण सड़क बनत हवय या मुसीबत
गांव वाले मन के कहना हे कि बतौली ले बगीचा तक करीब 16 किलोमीटर नई सड़क बनाय बर 33 करोड़ रुपिया मंजूर होए रहिस अउ अप्रैल महीना ले काम घलो सुरू होइस। फेर अब तक काम बहुतच धीमा चालत हवय। कई जघा म सिरिफ पुराना डामर उखाड़े गे हवय अउ सड़क किनारे सफाई तक सीमित काम होवत दिखत हवय।

बतौली-बगीचा सड़क बन गे मुसीबत, रोज दुर्घटना के डर म जीयत हवंय ग्रामीण
बताय जात हे कि बतौली-बगीचा सड़क के करीब दू किलोमीटर हिस्सा सबसे जियादा खराब हवय। गहरे गड्ढा के चलते रोज दुर्घटना के खतरा बने रहिथे। कुछ दिन पहिली एही सड़क म ट्यूशन जाय वाला एक छात्र के सड़क हादसा म मौत हो गे रहिस, फेर ए घटना के बाद घलो सड़क सुधार म खास पहल नई दिखिस।
33 करोड़ के सड़क, फेर गड्ढा अउ धूल ले बेहाल बतौली-बगीचा
गांव वाले मन निर्माण एजेंसी ऊपर आरोप लगावत कहिथें कि सड़क म नियमित पानी के छिड़काव नई करे जात हवय। भारी गाड़ी गुजरते ही एतका धूल उड़थे कि कुछ देर बर सड़क देखना घलो मुश्किल हो जाथे। हालत ए तक पहुंच गे हवय कि कई गांव वाले अपन घर ले पाइप लगाके खुदे सड़क म पानी डारत हवंय।
बतौली-बगीचा के जनता हलाकान धूल के गुबार अउ गहरे गड्ढा, बतौली-बगीचा सड़क बनिस जानलेवा काम धीमा,जनता परेशान: बतौली-बगीचा सड़क ऊपर फूटिस ग्रामीण मन के गुस्सा
ग्रामीण मन के आरोप हे कि पेच रिपेयरिंग के नांव म सिरिफ खानापूर्ति करे गे हवय। गड्ढा म गिट्टी भर देय के बाद घलो समस्या जइसने के तइसने बने हवय।
गड्ढा म फंसिस विकास,,, बतौली-बगीचा सड़क के हालत बद से बदतर पानी नई, धूलच धूल… बतौली-बगीचा सड़क ले उठिस विरोध के आवाज
अब गांव वाले मन प्रशासन अउ लोक निर्माण विभाग ले मांग करत हवंय कि सड़क निर्माण के काम म तेजी लाए जाए, नियमित पानी के छिड़काव कराए जाए अउ जर्जर सड़क के तत्काल मरम्मत करे जाए।
अब बस! बतौली-बगीचा सड़क बर ग्रामीण मन के प्रशासन ला आखिरी चेतावनी
ग्रामीण मन साफ चेतावनी दे हवंय कि अगर जल्दी ठोस कार्रवाई नई होही, त वो मन आंदोलन करे बर मजबूर हो जाहीं।अगर चाहें, मैं इसे 1 मिनट या 2 मिनट के टीवी न्यूज़ बुलेटिन के हिसाब से भी छोटा या अधिक प्रभावशाली बना सकता हूँ।








