शब्बीर कुरैशी/दल्ली राजहरा
दल्ली राजहरा की महामाया क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य सड़क आज मौत को निमंत्रण दे रही है। पूरे रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई डामर और बरसात का कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। आए दिन यहां बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बीएसपी प्रबंधन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह मौन हैं।
3 किलोमीटर की सड़क, 100 से ज्यादा गड्ढे
महामाया चौक से कॉलोनी तक जाने वाली करीब 3 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह 1-1 फीट गहरे गड्ढे हैं। बरसात में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और हादसों का कारण बनते हैं।
रोज गिर रहे हैं स्कूली बच्चे और मजदूर
इस रास्ते से रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, बीएसपी में काम करने वाले मजदूर और मरीज गुजरते हैं। पिछले महीने ही 2 बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोगों का कहना है “यहां से गुजरते समय दिल दहल जाता है।”
धूल और कीचड़ से बीमार हो रहे लोग
गर्मी में इस सड़क पर धूल का गुबार उड़ता है और बरसात में कीचड़। इससे सांस और चर्म रोग बढ़ गए हैं। घरों में भी धूल घुस रही है। महिलाओं का कहना है “कपड़े सुखाना भी मुश्किल हो गया है।”
एंबुलेंस को भी लगते हैं 20 मिनट ज्यादा
महामाया क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। बीमार लोगों को दल्ली राजहरा अस्पताल इसी सड़क से ले जाया जाता है। गड्ढों की वजह से एंबुलेंस को भी समय पर पहुंचने में दिक्कत होती है।
बीएसपी की सीमा में है सड़क, फिर भी अनदेखी
ये सड़क बीएसपी की टाउनशिप क्षेत्र में आती है। लोगों का आरोप है कि बीएसपी हर महीने करोड़ों कमाती है, लेकिन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के लिए सड़क नहीं बना पा रही।
शिकायतों के बाद भी BSP प्रबंधन चुप
स्थानीय पार्षद और सामाजिक संगठनों ने बीएसपी प्रबंधन को 4 बार लिखित शिकायत दी। टाउनशिप GM को ज्ञापन भी सौंपा गया। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रबंधन के अधिकारी फोन भी रिसीव नहीं करते।
जनप्रतिनिधि भी साधे हुए हैं चुप्पी
क्षेत्र के विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को भी समस्या बताई गई। लेकिन चुनाव के बाद कोई सुध लेने नहीं आया। लोगों का कहना है “वोट के समय बड़े-बड़े वादे, और जीतने के बाद चुप्पी।”
रात में आवागमन खतरे से खाली नहीं
सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में गड्ढे दिखाई नहीं देते। कई बार बाइक सवार गड्ढे में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। महिलाओं का शाम 7 बजे बाद निकलना बंद हो गया है।
15 दिन का अल्टीमेटम, वरना चक्का जाम
महामाया के लोगों ने बीएसपी प्रबंधन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांग है कि तुरंत सड़क की मरम्मत हो, गड्ढे भरे जाएं और स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। अगर मांग नहीं मानी गई तो महामाया चौक पर चक्का जाम और प्रदर्शन किया जाएगा।
बीएसपी प्रबंधन का पक्ष
इस संबंध में बीएसपी के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
स्थानीय लोगों की मांग
नगरवासियों ने कलेक्टर और बीएसपी के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि महामाया सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।







