-जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी की पहल पर बैठकों में सिंगल यूज प्लास्टिक पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध
जिला जांजगीर-चांपा, 30 जुलाई 2026।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में जिला पंचायत जांजगीर-चांपा ने एक सराहनीय एवं दूरगामी निर्णय लेते हुए अपनी सभी सामान्य सभा तथा अन्य आधिकारिक बैठकों में सिंगल यूज प्लास्टिक पानी की बोतलों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी की पहल पर लिया गया यह निर्णय जिले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई सोच और प्रशासनिक जिम्मेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
जिला पंचायत की सामान्य सभा में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव का एकमत से समर्थन किया। बैठक में प्लास्टिक की पैक्ड पानी की बोतलों के स्थान पर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जिससे प्लास्टिक कचरे में कमी लाने और पर्यावरण के अनुकूल कार्य प्रणाली विकसित करने का संदेश दिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बदलाव ही भविष्य में बड़े सकारात्मक परिणाम लेकर आते हैं। यदि सरकारी कार्यालय स्वयं प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था अपनाते हैं तो समाज में भी जागरूकता बढ़ेगी और लोग पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण से प्रकृति, जल स्रोतों और जीव-जंतुओं को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था द्वारा इस प्रकार की पहल पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
जनप्रतिनिधियों ने जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करें और उसकी जगह स्टील, कांच अथवा अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के निर्णय सभी शासकीय कार्यालयों में प्रभावी रूप से लागू किए जाएं तो प्लास्टिक कचरे में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। इससे स्वच्छता अभियान को भी मजबूती मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण का निर्माण संभव होगा।
जिला पंचायत की सामान्य सभा में लिया गया यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि “प्लास्टिक मुक्त जांजगीर-चांपा” की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। उम्मीद की जा रही है कि जिले के अन्य सरकारी कार्यालय, संस्थान और सामाजिक संगठन भी इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को जनआंदोलन का स्वरूप देंगे।







