जांजगीर चांपा जिले के विकासखंड अकलतरा में ग्राम हरदी में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की
अधीक्षिका भगवती राठौर पर गंभीर आरोप लगे यह आरोप आवासीय विद्यालय के कर्मचारियों द्वारा लगाया गया है जो इस प्रकार हैं—–
1. अधीक्षिका भगवती राठौर आवासीय विद्यालय में शाम होने के पश्चात नहीं रुकती अपने घर कैनाल सिटी जांजगीर चली जाती है अधीक्षिका की अनुपस्थिति में भी उसके पति कृष्ण कुमार राठौर आवासीय विद्यालय में रात्रि में रुकते हैं
2. अधीक्षिका के परिवारजन का जन्मदिन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मनाया जाता है
3. कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हरदी के हर निर्णय में भगवती राठौर के पति कृष्ण कुमार राठौर की भूमिका होती है
4. भीषण गर्मी में भी छात्राओं को पंखा चलाने से अधीक्षिका द्वारा रोका जाता है और स्वयं ए सी का उपयोग करती है
5. आवासीय विद्यालय के कर्मचारियों से भगवती राठौर अपने घर के कपड़े धुलवाती है मना करने पर अपने पति कृष्ण कुमार राठौर के साथ मिलकर कर्मचारियों को प्रताड़ित करती है

ज्ञात सूत्रों के अनुसार कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हरदी में विगत 13 वर्ष से रसोईया के रूप में कार्यरत आदिवासी विधवा महिला को भगवती राठौर द्वारा विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित किया जाता था एवं रसोईया कार्य से हटा दिया गया जिससे उस महिला के समक्ष आजीविका एवं अपनी बच्ची के लालन-पालन की विकट समस्या आ गई है जब वह न्याय की आस में विभिन्न कार्यालय के चक्कर लगा रही है तो केवल आश्वासन मिल रहा है भगवती राठौर पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है कार्य से हटाने के पश्चात भगवती राठौर उस पर दबाव बना रही है कि अब तुम मध्याह्न भोजन की रसोइया के रूप में कार्य करो जबकि उक्त आदिवासी महिला 13 वर्षों से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की रसोइया के रूप में कार्यरत थी अपने मनचाहे इंसान को इस आदिवासी महिला की जगह कार्य पर रखकर भगवती राठौर मनमाना रवैया अपना रही है विरोध करने पर उच्च कार्यालय में ऊंची पहुंच APC से अच्छी जान पहचान एवं नेताओं को अपना रिश्तेदार बताकर उसे डरा धमका रही है
इन आरोपों की की जांच गंभीरता से होनी चाहिए एवं जांच कार्य प्रभावित न हो इसके लिए भगवती राठौर को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हरदी से हटाया जाना चाहिए ज्ञात हो कि भगवती राठौर का मूल विद्यालय ग्राम नैला सिवनी है और वह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में व्यवस्था के तहत कार्य कर रही है शासन के आदेश के पश्चात भी भगवती राठौर का संलग्नीकरण समाप्त नहीं किया गया है और यह मनमाना कार्य कर रही है अतः शासन को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए







