जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर-चांपा, 03 अगस्त 2026। वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत संचालित धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधन (सीएफआर) के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन योजनाओं के निर्माण के लिए जिले में कार्यरत योग्य तकनीकी सहयोगी, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन (सीएसओ) एवं स्थानीय संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि चयनित संस्थाएं ग्राम सभाओं के क्षमता विकास, वन भूमि सर्वेक्षण, सामुदायिक वन संसाधनों की मैपिंग, लघु वनोपज प्रबंधन, जैव विविधता मैपिंग तथा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति (सीएफआरएमसी) को तकनीकी हैंडहोल्डिंग सहयोग प्रदान करेंगी। आवेदन करने के लिए संस्था का वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ग्राम सभाओं के साथ आजीविका संवर्धन एवं वन प्रबंधन में कार्य का अनुभव होना आवश्यक है। संस्था का पंजीकरण सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, सार्वजनिक ट्रस्ट अथवा कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा-8 के अंतर्गत गैर-लाभकारी संस्था के रूप में होना चाहिए। संस्था का गत वर्ष तक का वित्तीय अंकेक्षण (फाइनेंशियल ऑडिट) पूर्ण होना तथा नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले अथवा विकासखंड में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन के अंतर्गत सामुदायिक वन अधिकारों की मान्यता, सीमांकन, मानचित्रण एवं प्रबंधन का न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए। संबंधित ग्राम सभा के प्रस्ताव द्वारा लिखित अनुमोदन भी आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक होगा। इच्छुक एवं पात्र संस्थाएं अपने समस्त आवश्यक दस्तावेज, अनुभव प्रमाण-पत्र एवं ग्राम सभा के अनुमोदन प्रस्ताव सहित 10 अगस्त 2026 तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जांजगीर-चांपा में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। पात्रता की समीक्षा एवं चयन की प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति द्वारा 13 अगस्त 2026 को की जाएगी।







